{"_id":"5b2eaeb84f1c1b2b428b6808","slug":"111529786040-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने एडीए में काटा हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने एडीए में काटा हंगामा
Updated Sun, 24 Jun 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जलभराव एवं गंदगी की समस्या से परेशान धनीपुर के गांव नगला माली के ग्रामीणों ने शनिवार को एडीए कार्यालय में जमकर हंगामा काटा। उनका आरोप था कि दो बार टेंडरों के बावजूद एडीए ने गांव में सड़क न बनवाकर अन्य स्थान पर बनवा दी। गांव के मुख्य मार्ग एवं गलियों की हालत इतनी दयनीय है कि वहां 25 साल पहले बनी सड़क नाले का रूप ले चुकी है। उन्होंने वर्ष 2014 में हुए टेंडर की प्रतिलिपि भी अफसरों को सौंपी। बाद में कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
ग्रामीण मदन सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में एडीए ने नगला माली के मार्गों के निर्माण के 1.27 करोड़ रुपये के टेंडर निकाले थे। जबकि बनवा दी गई पड़ौसी इलाके की सड़क। मंडी गेट के सामने जो सीसी रोड की गई है वह माली नगला से बाहर विकास लोक कालोनी का हिस्सा है।
अब पुन: एडीए द्वारा उक्त मार्ग के 30 फीसदी जीटी रोड की तरफ के हिस्से (जिसमें ढलान है) का निर्माण करा रहा है। शेष 70 फीसदी भाग मोबाइल टावर तक छोड़ दिया गया है। गांव में जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया है। परिणामस्वरूप मुख्य मार्ग मरघट वाले रोड ने नाले का रूप ले लिया है। इससे तरह-तरह के रोग फैलने की आशंका है।
विज्ञापन
बच्चों और राहगीरों को स्कूल व अन्य स्थानों पर जाने में असुविधा हो रही है। यहां जलभराव के चलते पोल से करंट आने के कारण एक गाय मर चुकी है। तमाम शिकायतों के बाद भी एडीए कोई कार्रवाई को तैयार नहीं है। उन्होंने उपाध्यक्ष से गांव की सड़क के शेष 70 फीसदी भाग को बनवाने की मांग की है। इस मौके पर रामस्वरूप, हरीशंकर, डॉ. नौरंगीलाल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
विज्ञापन
जलभराव एवं गंदगी की समस्या से परेशान धनीपुर के गांव नगला माली के ग्रामीणों ने शनिवार को एडीए कार्यालय में जमकर हंगामा काटा। उनका आरोप था कि दो बार टेंडरों के बावजूद एडीए ने गांव में सड़क न बनवाकर अन्य स्थान पर बनवा दी। गांव के मुख्य मार्ग एवं गलियों की हालत इतनी दयनीय है कि वहां 25 साल पहले बनी सड़क नाले का रूप ले चुकी है। उन्होंने वर्ष 2014 में हुए टेंडर की प्रतिलिपि भी अफसरों को सौंपी। बाद में कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
ग्रामीण मदन सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में एडीए ने नगला माली के मार्गों के निर्माण के 1.27 करोड़ रुपये के टेंडर निकाले थे। जबकि बनवा दी गई पड़ौसी इलाके की सड़क। मंडी गेट के सामने जो सीसी रोड की गई है वह माली नगला से बाहर विकास लोक कालोनी का हिस्सा है।
विज्ञापन
अब पुन: एडीए द्वारा उक्त मार्ग के 30 फीसदी जीटी रोड की तरफ के हिस्से (जिसमें ढलान है) का निर्माण करा रहा है। शेष 70 फीसदी भाग मोबाइल टावर तक छोड़ दिया गया है। गांव में जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया है। परिणामस्वरूप मुख्य मार्ग मरघट वाले रोड ने नाले का रूप ले लिया है। इससे तरह-तरह के रोग फैलने की आशंका है।
विज्ञापन
बच्चों और राहगीरों को स्कूल व अन्य स्थानों पर जाने में असुविधा हो रही है। यहां जलभराव के चलते पोल से करंट आने के कारण एक गाय मर चुकी है। तमाम शिकायतों के बाद भी एडीए कोई कार्रवाई को तैयार नहीं है। उन्होंने उपाध्यक्ष से गांव की सड़क के शेष 70 फीसदी भाग को बनवाने की मांग की है। इस मौके पर रामस्वरूप, हरीशंकर, डॉ. नौरंगीलाल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।