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ई-वे बिल के विरोध में शुरू हो गया चक्का जाम
Updated Fri, 02 Feb 2018 02:48 AM IST
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ई-वे बिल के विरोध में शुरू हो गया चक्का जाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
‘एक राष्ट्र, एक कर व एक बाजार’ ई-वे बिल के विरोध में गुरुवार को दि गुड्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले ट्रांसपोर्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल को सफल बनाने के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारी लगातार भ्रमण करते रहे।
शाम को एसोसिएशन के कार्यालय पर हुई बैठक में अगले दिन की रणनीति के साथ पहले दिन की सफलता पर भी चर्चा हुई।
केंद्र सरकार द्वारा 13 राज्यों में एक साथ ई-वे बिल की शुरुआत कर दी गई है। इसमें एक राज्य से दूसरे राज्य में 50 हजार रुपये कीमत से अधिक का माल भेजने के लिए ट्रांसपोर्टरों को ई-वे बिल देना होगा। ई-वे बिल के विरोध में गुरुवार को ट्रांसपोर्टरों ने चक्का जाम कर हड़ताल कर दी।
इसका पहले दिन तो व्यापारियों पर असर नहीं पड़ा, लेकिन यदि हड़ताल लंबी चली तो इसका सीधा असर व्यापार और व्यापारी पर पड़ेगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष ठा. अजय पाल सिंह ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन ही अधिकतर ट्रांसपोर्टरों ने समर्थन दे दिया है।
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हड़ताल की सफलता के लिए पदाधिकारी लगातार भ्रमणशील रहे। उन्होंने बताया कि जब तक ट्रांसपोर्टरों को जीएसटी पार्ट-2 से मुक्त नहीं किया जाता, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने बताया न तो वह माल बनाते हैं और बेचते हैं। केवल माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते हैं। ट्रांसपोर्टरों के पास संसाधन का पहले ही अभाव है, फिर वह कंप्यूटर आदि कहां से लाएंगे।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
‘एक राष्ट्र, एक कर व एक बाजार’ ई-वे बिल के विरोध में गुरुवार को दि गुड्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले ट्रांसपोर्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल को सफल बनाने के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारी लगातार भ्रमण करते रहे।
शाम को एसोसिएशन के कार्यालय पर हुई बैठक में अगले दिन की रणनीति के साथ पहले दिन की सफलता पर भी चर्चा हुई।
केंद्र सरकार द्वारा 13 राज्यों में एक साथ ई-वे बिल की शुरुआत कर दी गई है। इसमें एक राज्य से दूसरे राज्य में 50 हजार रुपये कीमत से अधिक का माल भेजने के लिए ट्रांसपोर्टरों को ई-वे बिल देना होगा। ई-वे बिल के विरोध में गुरुवार को ट्रांसपोर्टरों ने चक्का जाम कर हड़ताल कर दी।
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इसका पहले दिन तो व्यापारियों पर असर नहीं पड़ा, लेकिन यदि हड़ताल लंबी चली तो इसका सीधा असर व्यापार और व्यापारी पर पड़ेगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष ठा. अजय पाल सिंह ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन ही अधिकतर ट्रांसपोर्टरों ने समर्थन दे दिया है।
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हड़ताल की सफलता के लिए पदाधिकारी लगातार भ्रमणशील रहे। उन्होंने बताया कि जब तक ट्रांसपोर्टरों को जीएसटी पार्ट-2 से मुक्त नहीं किया जाता, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने बताया न तो वह माल बनाते हैं और बेचते हैं। केवल माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते हैं। ट्रांसपोर्टरों के पास संसाधन का पहले ही अभाव है, फिर वह कंप्यूटर आदि कहां से लाएंगे।