{"_id":"5a6e3b674f1c1b92268b6fa5","slug":"111517173607-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायतों की नहीं हुई सुनवाई, हो चुके हैं गई हादसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकायतों की नहीं हुई सुनवाई, हो चुके हैं गई हादसे
Updated Mon, 29 Jan 2018 02:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिकायतों की नहीं हुई सुनवाई, हो चुके हैं कई हादसे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
छर्रा रोड पर मजार के सामने एक्सीडेंट के बाद नगर पालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नगर पालिका ने कस्बे का पानी सड़क के किनारे बनी खाई में छोड़ रखा है। इसकी रोकथाम के इंतजाम न होने के कारण यह खाई अब मौत का नाला बन गई है। गनियावली मार्ग से लेकर स्पोर्ट्स स्टेडियम तक करीब एक किलोमीटर तक गंदा पानी बह रहा है। पानी खेतों में न जाए इसलिए खेत स्वामियों ने ऊंची मेड़ बंदी कर रखी है।
स्टेडियम की दीवार होने के कारण आगे जल निकासी नहीं है। नगर पालिका का पानी सड़क के किनारे बह रहा है जो कि नाले में तब्दील हो गया है। नगर पालिका ने कभी इसकी सफाई तक नहीं कराई। पास में बने कब्रिस्तान में पानी जाने से कब्रें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। पूर्व में कई बार इस नाले में हादसे हो गए हैं। बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए सपा नगर अध्यक्ष डॉ. कबीर खान सहित कस्बे के अनेक लोगों ने छह जुलाई 2017 और 25 जनवरी 2018 को तहसील दिवस से लेकर नगर पालिका में शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों की रिसीविंग भी है, लेकिन तहसील प्रशासन से लेकर नगर पालिका प्रशासन की नींद नहीं टूटी। आरोप है कि यदि इस शिकायत पर संज्ञान लेकर पालिका कर्मी पंप आदि चलाकर पानी निकासी का इंतजाम कर देते तो शायद सात लोगों की जान बच सकती थी।
पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा
कोतवाली के एसआई अरविंद सिवाल, योगेंद्र सिंह, राकेश कुमार, कांस्टेबिल रघुराज सिंह, हरनारायण, चालक धनपाल सिंह कपड़े उतार कर राहत कार्य में जुट गए। इन पुलिस कर्मियों को नाले में अंदर भी घुसना पड़ा। नाले के बदबूदार व जहरीले हो चुके पानी के कारण एसआई अरविंद और कांस्टेबिल रघुराज की हालत खराब हो गई उन्हें राहत कार्य के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
विज्ञापन
मफलर की बनाई रस्सी
साधन विहीन पुलिस के सामने राहत कार्य में भारी परेशानी हुई। पुलिस कर्मियों के पास रस्सी तक नहीं थी। इलाका जंगल में होने के कारण हाल ही इंतजाम तक नहीं हो सकता था। पुलिस कर्मियों ने अपने व लोगों से मफलर लेकर रस्सी बनाई तब जाकर लोगों को कार से बाहर खींचा जा सका। स्थानीय निवासी वेदप्रकाश, चिंटू चौधरी, हरेंद्र, सतेंद्र, राहुल, नरेंद्र, पवन आदि ने भी मदद की।
लोग बने रहे मूकदर्शक
हादसे के वक्त तमाम लोगों की भीड़ मौके पर मौजूद थी। लेकिन नाला गहरा होने के कारण कोई भी पास जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहा था। सीओ सुरेश कुमार मलिक ने कई बार लोगों से मदद की गुहार लगाई मगर कुछ ही युवकों ने हिम्मत करके पुलिस की मदद की, ज्यादातर मूकदर्शक बने रहे।
इस ब्रेकर पर पहले भी हुईं दुर्घटनाएं
छर्रा मार्ग स्थित दादा साहब की मजार के पास मोड़ है। यहां बड़े-बड़े ब्रेकर बने हैं जो अचानक चालकों को दिखाई नहीं देते। एक साल पहले ब्रेकर के कारण उछलकर ट्रैक्टर पर बैठे सहनोल के बच्चे की और बुलंदशहर के गांव भैलई निवासी एक महिला की बाइक से गिरकर मौत हो गई थी। दो साल पहले इसी नाले में दो बाइक सवार गिरे थे उनकी भी मौत हो गई थी। दरगाह के सदर गुड्डू खान कहते हैं कि दिन में भी कई बाइक सवार इस नाले में गिरे हैं जिन्हें वहां मौजूद लोगों ने निकालकर कई बार बचाया है। एक बार आलू से भरी बुग्गी भी इसमें गिर गई थी। इसमें भैंसा की डूबने से मौत हो गई थी। उन्होंने भी कई बार लिखकर शिकायत की मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
छर्रा रोड पर मजार के सामने एक्सीडेंट के बाद नगर पालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नगर पालिका ने कस्बे का पानी सड़क के किनारे बनी खाई में छोड़ रखा है। इसकी रोकथाम के इंतजाम न होने के कारण यह खाई अब मौत का नाला बन गई है। गनियावली मार्ग से लेकर स्पोर्ट्स स्टेडियम तक करीब एक किलोमीटर तक गंदा पानी बह रहा है। पानी खेतों में न जाए इसलिए खेत स्वामियों ने ऊंची मेड़ बंदी कर रखी है।
स्टेडियम की दीवार होने के कारण आगे जल निकासी नहीं है। नगर पालिका का पानी सड़क के किनारे बह रहा है जो कि नाले में तब्दील हो गया है। नगर पालिका ने कभी इसकी सफाई तक नहीं कराई। पास में बने कब्रिस्तान में पानी जाने से कब्रें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। पूर्व में कई बार इस नाले में हादसे हो गए हैं। बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए सपा नगर अध्यक्ष डॉ. कबीर खान सहित कस्बे के अनेक लोगों ने छह जुलाई 2017 और 25 जनवरी 2018 को तहसील दिवस से लेकर नगर पालिका में शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों की रिसीविंग भी है, लेकिन तहसील प्रशासन से लेकर नगर पालिका प्रशासन की नींद नहीं टूटी। आरोप है कि यदि इस शिकायत पर संज्ञान लेकर पालिका कर्मी पंप आदि चलाकर पानी निकासी का इंतजाम कर देते तो शायद सात लोगों की जान बच सकती थी।
विज्ञापन
पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा
कोतवाली के एसआई अरविंद सिवाल, योगेंद्र सिंह, राकेश कुमार, कांस्टेबिल रघुराज सिंह, हरनारायण, चालक धनपाल सिंह कपड़े उतार कर राहत कार्य में जुट गए। इन पुलिस कर्मियों को नाले में अंदर भी घुसना पड़ा। नाले के बदबूदार व जहरीले हो चुके पानी के कारण एसआई अरविंद और कांस्टेबिल रघुराज की हालत खराब हो गई उन्हें राहत कार्य के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
विज्ञापन
मफलर की बनाई रस्सी
साधन विहीन पुलिस के सामने राहत कार्य में भारी परेशानी हुई। पुलिस कर्मियों के पास रस्सी तक नहीं थी। इलाका जंगल में होने के कारण हाल ही इंतजाम तक नहीं हो सकता था। पुलिस कर्मियों ने अपने व लोगों से मफलर लेकर रस्सी बनाई तब जाकर लोगों को कार से बाहर खींचा जा सका। स्थानीय निवासी वेदप्रकाश, चिंटू चौधरी, हरेंद्र, सतेंद्र, राहुल, नरेंद्र, पवन आदि ने भी मदद की।
लोग बने रहे मूकदर्शक
हादसे के वक्त तमाम लोगों की भीड़ मौके पर मौजूद थी। लेकिन नाला गहरा होने के कारण कोई भी पास जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहा था। सीओ सुरेश कुमार मलिक ने कई बार लोगों से मदद की गुहार लगाई मगर कुछ ही युवकों ने हिम्मत करके पुलिस की मदद की, ज्यादातर मूकदर्शक बने रहे।
इस ब्रेकर पर पहले भी हुईं दुर्घटनाएं
छर्रा मार्ग स्थित दादा साहब की मजार के पास मोड़ है। यहां बड़े-बड़े ब्रेकर बने हैं जो अचानक चालकों को दिखाई नहीं देते। एक साल पहले ब्रेकर के कारण उछलकर ट्रैक्टर पर बैठे सहनोल के बच्चे की और बुलंदशहर के गांव भैलई निवासी एक महिला की बाइक से गिरकर मौत हो गई थी। दो साल पहले इसी नाले में दो बाइक सवार गिरे थे उनकी भी मौत हो गई थी। दरगाह के सदर गुड्डू खान कहते हैं कि दिन में भी कई बाइक सवार इस नाले में गिरे हैं जिन्हें वहां मौजूद लोगों ने निकालकर कई बार बचाया है। एक बार आलू से भरी बुग्गी भी इसमें गिर गई थी। इसमें भैंसा की डूबने से मौत हो गई थी। उन्होंने भी कई बार लिखकर शिकायत की मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।