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गांव के तैनात सफाई कर्मचारी कर रहे अफसरों की सेवा
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:33 AM IST
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गांव के तैनात सफाई कर्मचारी कर रहे अफसरों की सेवा
ब्यरो, अमर उजाला अलीगढ़।
तैनाती गांव में, जबकि अफसरों के घरों और दफ्तरों में काम कर रहे हैं सफाई कर्मचारी। ग्रामों में सफाई हो न हो, लेकिन साहब की ड्यूटी बजाकर अपनी तनख्वाह सीधी कर रहे हैं यह सफाई कर्मचारी। कोई साहब का ड्राइवर है तो कोई रसोइया बना हुआ है। वहीं कोई कंप्यूटर आपरेटर के रूप में एमआईएस फीडिंग कर मौज काट रहा है। ऐसे कर्मचारियों की संख्या एक दो नहीं, बल्कि पूरी 115 है।
जिला पंचायत राज विभाग में कुल 1068 सफाई कर्मचारी हैं। जिन पर 902 ग्राम पंचायतों में सफाई की जिम्मेदारी है। सोचिए यदि दस फीसदी कर्मचारी अटैचमेंट के चलते कम हो जाएंगे तो सफाई व्यवस्था का क्या हाल होगा। ऐसा नहीं है कि किसी को पता नहीं है। सांसद, विधायक ही नहीं सीएम साहब को भी इसकी खबर है। विधायक कोल अनिल पाराशर के सितंबर माह में भेजे पत्र पर मुख्यमंत्री कार्यालय से कड़ा आदेश आया है कि सभी अटैच कर्मचारियों को मुक्त कर सफाई कार्य में लगाया जाए। लेकिन स्थिति अभी भी जस की तस है। डीपीआरओ पारुल सिसौदिया ने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश के बाद 67 अटैच सफाईकर्मियों से संबंधित पत्रावलियां तैयार कर मुख्य विकास अधिकारी को भेज दी गई हैं। जल्द ही अटैचमेंट समाप्त कर सफाई कर्मियों को उनके मूल कार्य पर भेज दिया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों ने बनाई आंदोलन की रणनीति
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने सफाई कर्मियों के अटैचमेंट के विरुद्ध आंदोलन की रणनीति बना ली है। संघ के अध्यक्ष मुकेश मल्होत्रा ने बताया कि सोमवार से इस मामले को लेकर वह जन प्रतिनिधियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे। सोमवार को संगठन के कार्यकर्ताओं का खैर विधायक अनूप वाल्मीकि से मुलाकात करेंगे। इसके बाद अन्य विधायकों को भी ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
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ब्यरो, अमर उजाला अलीगढ़।
तैनाती गांव में, जबकि अफसरों के घरों और दफ्तरों में काम कर रहे हैं सफाई कर्मचारी। ग्रामों में सफाई हो न हो, लेकिन साहब की ड्यूटी बजाकर अपनी तनख्वाह सीधी कर रहे हैं यह सफाई कर्मचारी। कोई साहब का ड्राइवर है तो कोई रसोइया बना हुआ है। वहीं कोई कंप्यूटर आपरेटर के रूप में एमआईएस फीडिंग कर मौज काट रहा है। ऐसे कर्मचारियों की संख्या एक दो नहीं, बल्कि पूरी 115 है।
जिला पंचायत राज विभाग में कुल 1068 सफाई कर्मचारी हैं। जिन पर 902 ग्राम पंचायतों में सफाई की जिम्मेदारी है। सोचिए यदि दस फीसदी कर्मचारी अटैचमेंट के चलते कम हो जाएंगे तो सफाई व्यवस्था का क्या हाल होगा। ऐसा नहीं है कि किसी को पता नहीं है। सांसद, विधायक ही नहीं सीएम साहब को भी इसकी खबर है। विधायक कोल अनिल पाराशर के सितंबर माह में भेजे पत्र पर मुख्यमंत्री कार्यालय से कड़ा आदेश आया है कि सभी अटैच कर्मचारियों को मुक्त कर सफाई कार्य में लगाया जाए। लेकिन स्थिति अभी भी जस की तस है। डीपीआरओ पारुल सिसौदिया ने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश के बाद 67 अटैच सफाईकर्मियों से संबंधित पत्रावलियां तैयार कर मुख्य विकास अधिकारी को भेज दी गई हैं। जल्द ही अटैचमेंट समाप्त कर सफाई कर्मियों को उनके मूल कार्य पर भेज दिया जाएगा।
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सफाई कर्मचारियों ने बनाई आंदोलन की रणनीति
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने सफाई कर्मियों के अटैचमेंट के विरुद्ध आंदोलन की रणनीति बना ली है। संघ के अध्यक्ष मुकेश मल्होत्रा ने बताया कि सोमवार से इस मामले को लेकर वह जन प्रतिनिधियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे। सोमवार को संगठन के कार्यकर्ताओं का खैर विधायक अनूप वाल्मीकि से मुलाकात करेंगे। इसके बाद अन्य विधायकों को भी ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
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