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80 प्रतिशत जनता के लिए कुठाराघात है एससीएसटी एक्ट
Updated Mon, 12 Nov 2018 01:24 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
राष्ट्रवादी समान अधिकार पदयात्रा के 54वें दिन राष्ट्रीय संयोजक शेर सिंह राणा का रविवार को रत्नेश्वर पार्क में लोगों और महिलाओं ने जोरदार स्वागत किया।
राणा ने कहा कि यह पदयात्रा एससी/एसटी कानून के विरोध में 16 सितंबर से सहारनपुर से शुरू की गई थी। जो कि 16 दिसंबर को गाजियाबाद के कविनगर के रामलीला मैदान में महारैली के रूप में विश्राम लेगी।
कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि 302 धारा में जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाती है, जबकि एससी/एसटी कानून में बिना जांच गिरफ्तारी करना एवं 6 महीने तक जमानत न मिलना देश के 80 प्रतिशत लोगों के साथ कुठाराघात है।
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हम लोग गांव-गांव जाकर लोगों को इस कानून के प्रति जागरूक करके 16 दिसंबर को गाजियाबाद में आने का निमंत्रण दे रहे हैं। वहां एक विशाल जनसभा द्वारा केंद्र सरकार के कानों में इस समाज की आवाज को पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि अपने वाहनों एवं बसों से रामलीला मैदान कवि नगर में पहुंचकर इस कानून के विरुद्ध सरकार की कानों में आवाज पहुंचाएं। यदि उस दिन आप एकजुट नहीं हुए तो आपकी आने वाली पीढ़ियां आपको इस कानून के लिए दोषी ठहराएंगी।
इस मौके पर ललित राणा, पूरण सिंह इंजीनियर, यशपाल सिंह, श्रीपाल सिंह चौहान, प्रदीप राघव, डॉक्टर शैलेंद्र पाल सिंह, नेम सिंह सोलंकी, अरुण कुमार सिंह चौहान, विट्टू ठाकुर, डैनी ठाकुर, बंटी जादौन, विपिन सिंह सोलंकी आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रवादी समान अधिकार पदयात्रा के 54वें दिन राष्ट्रीय संयोजक शेर सिंह राणा का रविवार को रत्नेश्वर पार्क में लोगों और महिलाओं ने जोरदार स्वागत किया।
राणा ने कहा कि यह पदयात्रा एससी/एसटी कानून के विरोध में 16 सितंबर से सहारनपुर से शुरू की गई थी। जो कि 16 दिसंबर को गाजियाबाद के कविनगर के रामलीला मैदान में महारैली के रूप में विश्राम लेगी।
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कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि 302 धारा में जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाती है, जबकि एससी/एसटी कानून में बिना जांच गिरफ्तारी करना एवं 6 महीने तक जमानत न मिलना देश के 80 प्रतिशत लोगों के साथ कुठाराघात है।
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हम लोग गांव-गांव जाकर लोगों को इस कानून के प्रति जागरूक करके 16 दिसंबर को गाजियाबाद में आने का निमंत्रण दे रहे हैं। वहां एक विशाल जनसभा द्वारा केंद्र सरकार के कानों में इस समाज की आवाज को पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि अपने वाहनों एवं बसों से रामलीला मैदान कवि नगर में पहुंचकर इस कानून के विरुद्ध सरकार की कानों में आवाज पहुंचाएं। यदि उस दिन आप एकजुट नहीं हुए तो आपकी आने वाली पीढ़ियां आपको इस कानून के लिए दोषी ठहराएंगी।
इस मौके पर ललित राणा, पूरण सिंह इंजीनियर, यशपाल सिंह, श्रीपाल सिंह चौहान, प्रदीप राघव, डॉक्टर शैलेंद्र पाल सिंह, नेम सिंह सोलंकी, अरुण कुमार सिंह चौहान, विट्टू ठाकुर, डैनी ठाकुर, बंटी जादौन, विपिन सिंह सोलंकी आदि मौजूद रहे।