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टीबी के एक्टिव केस फाइटिंग का तीसरा चरण 11 जून से
Updated Sat, 09 Jun 2018 01:48 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एक्टिव केस फाइंडिंग (प्रथम चरण) के संबंध में पत्रकार वार्ता का आयोजन गांधी पार्क स्थित रूबी होटल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन लाल अग्रवाल की अध्यक्षता में किया गया।
पत्रकारों को डॉ. मदन लाल अग्रवाल ने बताया कि भारत से टीबी को खत्म करने का लक्ष्य 2025 तक केंद्र सरकार ने दिया है। इसी वजह से 11 जून से 29 जून तक एक्टिव केस फाइंडिंग का कार्यक्रम पूरे देश में चलाया जा रहा है, ताकि टीबी मरीजों को खोजकर उनको जल्द इलाज दिया जा सके।
इसके तहत अलीगढ़ में पहले दो बार के कार्यक्रम में क्रमश: 96 एवं 86 टीबी के मरीज पाए गए थे। जिन्हें तत्काल इलाज पर रख लिया गया और आगे भी ग्रामीण एवं कस्बों जैसे 45 गांव ग्राम स्वराज अभियान, 12 गांव एसटी-एसटी बहुल क्षेत्रों के साथ टप्पल, खैर ब्लॉक में चलेगा। साथ ही लोगों से एक्टिव फाइंडिंग के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग करने का आह्वान किया।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि अब प्रत्येक मरीज को टीबी निकलने पर सीबी नाट से नि:शुल्क जांच अनिवार्य है और अब प्राइवेट क्षेत्र से भी मरीजों की जानकारी समय से दी जा रही है। साथ ही बताया कि एक्टिव केस फाइंडिंग कार्यक्रम के दौरान ज्यादा टीबी मरीजों को खोजेंगे और जब वो इलाज पर आ जाएंगे तो टीबी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
एक्टिव केस फाइंडिंग के दौरान में 41 सुपरवाइजर के अंतर्गत 203 टीम कार्य शुरू करेंगी। जिनकी मॉनीटरिंग के लिए 15 डॉक्टरों की टीम है। ये टीम स्लम के हाई रिस्क एरिया में जाकर घर-घर जाएंगी, जिसमें प्रतिदिन लगभग 41,000 लोगों से स्वास्थ्य विभाग की टीम टीबी के लक्षणों की जांच करेगी और किसी भी टीबी संदिग्ध के सैंपल भी कलेक्ट करेगी।
इस अवसर पर आईआरएल लैब मेडिकल कॉलेज से डॉ. सुमित वार्ष्णेय, जिला कार्यक्रम समन्वयक सतेंद्र कुमार, पीपीपीएम कोआर्डिनेटर पियूष अग्रवाल, मनोज शर्मा, अशोक शर्मा, संजय सेंगर, नईम अहमद, अरविंद कुमार, महेंद्र पाल, रणवीर सिंह, अरविंद कुमार, विशाल, धर्मेेंद्र चौहान आदि मौजूद थे।
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एक्टिव केस फाइंडिंग (प्रथम चरण) के संबंध में पत्रकार वार्ता का आयोजन गांधी पार्क स्थित रूबी होटल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन लाल अग्रवाल की अध्यक्षता में किया गया।
पत्रकारों को डॉ. मदन लाल अग्रवाल ने बताया कि भारत से टीबी को खत्म करने का लक्ष्य 2025 तक केंद्र सरकार ने दिया है। इसी वजह से 11 जून से 29 जून तक एक्टिव केस फाइंडिंग का कार्यक्रम पूरे देश में चलाया जा रहा है, ताकि टीबी मरीजों को खोजकर उनको जल्द इलाज दिया जा सके।
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इसके तहत अलीगढ़ में पहले दो बार के कार्यक्रम में क्रमश: 96 एवं 86 टीबी के मरीज पाए गए थे। जिन्हें तत्काल इलाज पर रख लिया गया और आगे भी ग्रामीण एवं कस्बों जैसे 45 गांव ग्राम स्वराज अभियान, 12 गांव एसटी-एसटी बहुल क्षेत्रों के साथ टप्पल, खैर ब्लॉक में चलेगा। साथ ही लोगों से एक्टिव फाइंडिंग के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग करने का आह्वान किया।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि अब प्रत्येक मरीज को टीबी निकलने पर सीबी नाट से नि:शुल्क जांच अनिवार्य है और अब प्राइवेट क्षेत्र से भी मरीजों की जानकारी समय से दी जा रही है। साथ ही बताया कि एक्टिव केस फाइंडिंग कार्यक्रम के दौरान ज्यादा टीबी मरीजों को खोजेंगे और जब वो इलाज पर आ जाएंगे तो टीबी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
एक्टिव केस फाइंडिंग के दौरान में 41 सुपरवाइजर के अंतर्गत 203 टीम कार्य शुरू करेंगी। जिनकी मॉनीटरिंग के लिए 15 डॉक्टरों की टीम है। ये टीम स्लम के हाई रिस्क एरिया में जाकर घर-घर जाएंगी, जिसमें प्रतिदिन लगभग 41,000 लोगों से स्वास्थ्य विभाग की टीम टीबी के लक्षणों की जांच करेगी और किसी भी टीबी संदिग्ध के सैंपल भी कलेक्ट करेगी।
इस अवसर पर आईआरएल लैब मेडिकल कॉलेज से डॉ. सुमित वार्ष्णेय, जिला कार्यक्रम समन्वयक सतेंद्र कुमार, पीपीपीएम कोआर्डिनेटर पियूष अग्रवाल, मनोज शर्मा, अशोक शर्मा, संजय सेंगर, नईम अहमद, अरविंद कुमार, महेंद्र पाल, रणवीर सिंह, अरविंद कुमार, विशाल, धर्मेेंद्र चौहान आदि मौजूद थे।