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नकली नोटों के सौदागरों को तीन साल कैद
Updated Wed, 25 Apr 2018 01:44 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के कोतवाली इलाके में वर्ष 2004 में पकड़े गए दोगुना कर नकली नोट बेचने वाले गिरोह को तीन-तीन साल की सजा से दंडित किया गया है। यह गिरोह कंप्यूटर व स्कैनर की मदद से नकली नोट तैयार कर बेचता था। मौके से कार्रवाई के दौरान 67 हजार के नकली रुपये भी बरामद हुए थे।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी गोपाल सिंह राणा के अनुसार वाकया 1 सितंबर 2004 का है, जब मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने भुजपुरा में छापेमारी कर अशरफ निवासी अमीर निशा सिविल लाइंस, शाहनवाज उर्फ शानू निवासी नई बस्ती बन्नादेवी, अमरजीत उर्फ सोनू निवासी शाहजमाल देहली गेट, जावेद उर्फ बंटी निवासी शाहजमाल, निजाम निवासी जीवनगढ़ को दबोचा गया था।
यह लोग भीड़ में नकली नोट दोगुना कर बेच रहे थे। उनसे मौके से नकली करेंसी बरामद हुई और पूछताछ में बताया कि अशरफ अमीर निशा में अपने दफ्तर में स्कैनर से नकली नोट तैयार करता है।
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बाद में वहां से स्कैनर, कंप्यूटर आदि बरामद किया गया। इस मामले में मुकदमा गिरफ्तारी व चार्जशीट के बाद प्रकरण एडीजे-12 प्रमोद कुमार त्यागी के न्यायालय में सुनवाई के लिए शुरू हुआ। सत्र परीक्षण के दौरान अमर जीत उर्फ सोनू की मौत हो गई। बाकी आरोपियों को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीन-तीन साल की सजा व 5-5 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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महानगर के कोतवाली इलाके में वर्ष 2004 में पकड़े गए दोगुना कर नकली नोट बेचने वाले गिरोह को तीन-तीन साल की सजा से दंडित किया गया है। यह गिरोह कंप्यूटर व स्कैनर की मदद से नकली नोट तैयार कर बेचता था। मौके से कार्रवाई के दौरान 67 हजार के नकली रुपये भी बरामद हुए थे।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी गोपाल सिंह राणा के अनुसार वाकया 1 सितंबर 2004 का है, जब मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने भुजपुरा में छापेमारी कर अशरफ निवासी अमीर निशा सिविल लाइंस, शाहनवाज उर्फ शानू निवासी नई बस्ती बन्नादेवी, अमरजीत उर्फ सोनू निवासी शाहजमाल देहली गेट, जावेद उर्फ बंटी निवासी शाहजमाल, निजाम निवासी जीवनगढ़ को दबोचा गया था।
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यह लोग भीड़ में नकली नोट दोगुना कर बेच रहे थे। उनसे मौके से नकली करेंसी बरामद हुई और पूछताछ में बताया कि अशरफ अमीर निशा में अपने दफ्तर में स्कैनर से नकली नोट तैयार करता है।
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बाद में वहां से स्कैनर, कंप्यूटर आदि बरामद किया गया। इस मामले में मुकदमा गिरफ्तारी व चार्जशीट के बाद प्रकरण एडीजे-12 प्रमोद कुमार त्यागी के न्यायालय में सुनवाई के लिए शुरू हुआ। सत्र परीक्षण के दौरान अमर जीत उर्फ सोनू की मौत हो गई। बाकी आरोपियों को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीन-तीन साल की सजा व 5-5 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।