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अलीगढ़ में व्याख्यान: अगला युद्ध पानी के लिए होगा
Updated Sun, 01 Oct 2017 05:32 PM IST
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आने वाले समय में पानी के लिए हो सकता है विश्वयुद्ध
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला विज्ञान क्लब द्वारा स्वच्छ पेयजल की गुणवत्ता, परीक्षण उपयोग, सुरक्षित भंडारण तथा जल स्रोतों के संरक्षण पर वैज्ञानिक व्याख्यान एवं प्रदर्शनी का आयोजन रघुवीर सहाय इंटर कॉलेज में हुआ। जिसका उद्घाटन डीएम हृषिकेश भास्कर याशोद ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस मौके पर डीएम हृषिकेश भास्कर याशोद ने कहा कि यदि हमने अभी से जल का उचित संरक्षण व उपयोग प्रारंभ नहीं किया तो आने वाले समय में पानी के लिए विश्व युद्ध भी हो सकता अभी भी देश के अनेक राज्यों में पानी के लिए झगड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि इसलिए पानी बचाने की विभिन्न तकनीकियों का प्रयोग करते हुए इसकी बचत के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। इसके लिए वर्षा के जल का संचय करना भी आवश्यक है। डीएस डिग्री कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. एकेएस चौहान ने जल संरक्षण के विभिन्न उपायों की चर्चा करते हुए बताया कि प्राकृतिक संसाधनों में जल सबसे उपयोगी है। इसके बिना जीवन संभव नहीं है।
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एसवी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि हमें जल के साथ कागज के संरक्षण को करना चाहिए, क्योंकि एक किलो कागज बनाने में 600 लीटर जल का उपयोग होता है। इस मौके पर सूक्ष्म सिंचाई विभाग के इंजीनियर अनिकेत काकरान, माध्यमिक शिक्षा वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार पांडेय, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक डॉ. राजीव अग्रवाल ने विचार व्यक्त किए।
संचालन जिला विज्ञान क्लब से समन्वयक राजीव अग्रवाल व रामप्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इससे पहले कॉलेज के प्रबंधक अशोक सक्सेना ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में प्रधानाचार्य डॉ. आरपी वार्ष्णेय ने सभी का आभार जताया।
चित्रकला में रितु रही प्रथम
इस अवसर पर जल संरक्षण एवं सुरक्षित भंडारण पर चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। इसमें चिरंजीलाल कन्या इंटर कॉलेज की रितु प्रथम, रघुवीर सहाय इंटर कॉलेज के साहिल ने दूसरा और बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज के वैभव पाठक ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला विज्ञान क्लब द्वारा स्वच्छ पेयजल की गुणवत्ता, परीक्षण उपयोग, सुरक्षित भंडारण तथा जल स्रोतों के संरक्षण पर वैज्ञानिक व्याख्यान एवं प्रदर्शनी का आयोजन रघुवीर सहाय इंटर कॉलेज में हुआ। जिसका उद्घाटन डीएम हृषिकेश भास्कर याशोद ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस मौके पर डीएम हृषिकेश भास्कर याशोद ने कहा कि यदि हमने अभी से जल का उचित संरक्षण व उपयोग प्रारंभ नहीं किया तो आने वाले समय में पानी के लिए विश्व युद्ध भी हो सकता अभी भी देश के अनेक राज्यों में पानी के लिए झगड़ा होता है।
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उन्होंने कहा कि इसलिए पानी बचाने की विभिन्न तकनीकियों का प्रयोग करते हुए इसकी बचत के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। इसके लिए वर्षा के जल का संचय करना भी आवश्यक है। डीएस डिग्री कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. एकेएस चौहान ने जल संरक्षण के विभिन्न उपायों की चर्चा करते हुए बताया कि प्राकृतिक संसाधनों में जल सबसे उपयोगी है। इसके बिना जीवन संभव नहीं है।
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एसवी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि हमें जल के साथ कागज के संरक्षण को करना चाहिए, क्योंकि एक किलो कागज बनाने में 600 लीटर जल का उपयोग होता है। इस मौके पर सूक्ष्म सिंचाई विभाग के इंजीनियर अनिकेत काकरान, माध्यमिक शिक्षा वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार पांडेय, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक डॉ. राजीव अग्रवाल ने विचार व्यक्त किए।
संचालन जिला विज्ञान क्लब से समन्वयक राजीव अग्रवाल व रामप्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इससे पहले कॉलेज के प्रबंधक अशोक सक्सेना ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में प्रधानाचार्य डॉ. आरपी वार्ष्णेय ने सभी का आभार जताया।
चित्रकला में रितु रही प्रथम
इस अवसर पर जल संरक्षण एवं सुरक्षित भंडारण पर चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। इसमें चिरंजीलाल कन्या इंटर कॉलेज की रितु प्रथम, रघुवीर सहाय इंटर कॉलेज के साहिल ने दूसरा और बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज के वैभव पाठक ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।