आगरा: पुलिस और रिश्तेदार से परेशान था, फेसबुक लाइव कर युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
युवक की खुदकुशी का वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ जिसके बाद पुलिस घर पर परिजनों से मिलने पहुंची। थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार का कहना है कि युवक के सुसाइड करने की जानकारी मिली है। वीडियो के आधार पर जांच की जाएगी। परिजनों से तहरीर देने के लिए बोला गया है।
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विस्तार
आगरा में सिकंदरा के रुनकता में मांगरौल गूजर निवासी कृष्ण मुरारी ने ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। उसने खुदकुशी से पहले फेसबुक पर लाइव भी किया। इसमें कहा है कि चचेरे भाई ने झूठा मुकदमा उसके और पिता के खिलाफ दर्ज करा दिया। पुलिस ने समझौते के नाम पर रुपये लिए, लेकिन कोई राहत नहीं दी। उल्टा उसके खिलाफ पाबंद करने की कार्रवाई कर दी। मुकदमा दर्ज होने से उसका सेना में भर्ती होने का सपना टूट गया। उसने अपने चाचा, चाची, चचेरे भाई और दरोगा को खुदकुशी के लिए जिम्मेदार ठहराया।
परिवार ने पुलिस को नहीं दी सूचना
रुनकता स्थित रेलवे फाटक के पास सोमवार को मांगरौल गूजर निवासी कृष्ण मुरारी (19) पुत्र देवेंद्र परमार ट्रेन से कट गया था। इसकी जानकारी पर परिजन पहुंचे। वह शव ले गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दिए बगैर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। गांव के कुछ लोगों से सूचना मिलने पर पुलिस गांव में पहुंची, लेकिन परिजनों ने कोई शिकायत नहीं की। मंगलवार को कृष्ण मुरारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यह खुदकुशी से पहले का था। उसने यह फेसबुक पर लाइव किया था। इसमें उसने अपने चाचा पर आरोप लगाया कि उन्होंने झूठा मुकदमा उसके परिवार के खिलाफ दर्ज करा दिया। इससे मां-बाप को कर्ज लेना पड़ा। पुलिस कार्रवाई को भी कठघरे में खड़ा कर दिया।
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ढाई मिनट के वीडियो में युवक कह रहा है कि मैं कृष्ण मुरारी, मांगरौल गूजर से हूं। मैं आज आत्महत्या करने जा रहा हूं। इसकी वजह है कि मेरे चाचा लाखन, उनका बेटा मोनू है। उन्होंने बेफिजूल का केस लगा दिया है। करीब पांच महीने से मैं इससे भुगत रहा हूं। इससे मेरे मम्मी-पापा पर 50-60 हजार रुपये का कर्ज हो गया। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। इस सभी के पीछे रुनकता चौकी है, यह बहुत चोर है। इसने हमको बहुत परेशान किया है। इनका पूरा साथ दिया है।
सेना में जाने का था मेरा सपना
मैं निर्दोष था। मेरे भाई, पिता और मुझको फंसाया गया। आरोपी के भाई की सब्बल से उसके ही भाई का सिर फट गया था और केस हमारे ऊपर दर्ज करा दिया। इसमें कुछ होना नहीं था। इसमें पाबंद करने की कार्रवाई पुलिस ने कर दी। मैं सेना में जाना चाहता था। यह मेरा सपना था। एक बार दौड़ भी पास कर ली थी। मैं अब सुसाइड करने जा रहा हूं। दरोगा केशव की बदली हुई है। उसने धोखा दिया। वह 10-12 हजार रुपये ले गया। राजीनामा नहीं कराया, जबकि हम बेकसूर थे। उसकी तरफ भी ध्यान दिया जाए। सिकंदरा थाना में लाखन सिंह ने रुपये देकर गलत रिपोर्ट बनवाई थी। उसकी पत्नी बहुत खराब है। मोनू, उसका पिता लाखन और मां लज्जा तीनों खराब हैं। उन्होंने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी।
यह था मामला
14 मई को कृष्ण मुरारी के पिता के चचेरे भाइयों विक्रम और लाखन में आपस में झगड़ा हुआ था। मामले में लाखन के बेटे मोनू की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में कृष्ण मुरारी, विक्रम, देवेंद्र और हरीशंकर को नामजद किया गया था। इस मामले में गांव में पंचायत भी हुई। समझौते में देवेंद्र पर 15 हजार का आर्थिक दंड लगाया गया। कृष्ण मुरारी का आरोप था कि तत्कालीन चौकी प्रभारी केशव सांडिल्य ने मामले में समझौते के लिए 12 हजार रुपये लिए थे। इसके बाद भी कोई राहत नहीं मिली। उल्टा पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 110 जी के तहत कृष्ण मुरारी को पाबंद कर दिया। नोटिस पहुंचने के बाद जानकारी हुई। उसे मजिस्ट्रेट के यहां से जमानत करानी पड़ी। इसके बाद से ही कृष्ण मुरारी अवसाद में था।
पुलिस अधिकारियों से करेंगे शिकायत
गांव के लोगों ने पुलिस को बताया कि फेसबुक पर वीडियो देखकर कुछ लोगों ने कृष्ण मुरारी को कॉल भी किया। बाद में पिता देवेंद्र को भी पता चल गया। उन्होंने दो बार काल किया, लेकिन उसने रिसीव नहीं किया। वह रेलवे लाइन तक पहुंचे, लेकिन तब तक वह खुदकुशी कर चुका था। देवेंद्र का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं कराया। वो पुलिस अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
थाना के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि मोनू नामक युवक के सिर में चोट लगी थी। मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया। उसमें कृष्ण मुरारी को नामजद किया गया था। सोमवार को सुबह गांव मांगरौल गूजर के प्रधान शैलेंद्र सिंह ने पुलिस को आत्महत्या की जानकारी दी थी। मगर, पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजन शव ले गए। इसके बाद पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। मंगलवार को युवक के फेसबुक लाइव का वीडियो सामने आया। इसमें वो अपने चाचा लाखन, चाची लज्जा और चचेरे भाई मोनू सहित दरोगा केशव शांडिल्य का नाम ले रहा है। मामले में परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज करके विवेचना की जाएगी।
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