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युवक को मगरमच्छ ने नदी में खींचा, 'तीसरी मौत' से दहशत में ग्रामीण
Mon, 01 Jul 2019 12:06 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 01 Jul 2019 12:06 AM IST
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मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला
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बाह में चंबल नदी किनारे गए युवक की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई। बाद में उसका क्षत-विक्षत शव मिला। इस माह मगरमच्छ के हमले में यह तीसरी मौत है। एक युवक घायल भी हुआ था। इससे लोगों में दहशत है।
राजस्थान-बाह सीमा पर स्थित निहाल गंज का रहने वाला सतीश (45) पुत्र दीनदयाल किसी काम से चंबल किनारे गया था। वहीं उसे मगरमच्छ नदी में खींच ले गया। खोजबीन के बाद मोरोली के पास से सतीश का शव बरामद हुआ।
इससे पहले राजस्थान के सीमा पर ही दो जून को धौलपुर के बर का पुरा गांव का शिवराम पर चंबल में नहाते समय मगरमच्छ ने हमला किया। नदी किनारे खड़े ने मगरमच्छ को पत्थर मारकर शिवराम को मुक्त तो करा लिया पर वह इतना घायल हो चुका था कि अंतत: उसकी मौत हो गई।
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राजस्थान-बाह सीमा पर स्थित निहाल गंज का रहने वाला सतीश (45) पुत्र दीनदयाल किसी काम से चंबल किनारे गया था। वहीं उसे मगरमच्छ नदी में खींच ले गया। खोजबीन के बाद मोरोली के पास से सतीश का शव बरामद हुआ।
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इससे पहले राजस्थान के सीमा पर ही दो जून को धौलपुर के बर का पुरा गांव का शिवराम पर चंबल में नहाते समय मगरमच्छ ने हमला किया। नदी किनारे खड़े ने मगरमच्छ को पत्थर मारकर शिवराम को मुक्त तो करा लिया पर वह इतना घायल हो चुका था कि अंतत: उसकी मौत हो गई।
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10 जून को मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित नगरा के नरेंद्र सिंह को नहाते समय मगरमच्छ नदी में खींच ले गया। दूसरे दिन उनका शव मिला। इससे पहले 4 जून को दिहौली के गढ़ीपुरा गांव के रामनरेश हमले में घायल हुए थे।
मगरमच्छ के हमले की घटनाओं से नदी किनारे पशुओं को पानी पिलाने ले जाने से चरवाहे डरने लगे हैं। चंबल नदी में इन दिनों मगरमच्छ की हैचिंग (अंडों से बच्चे निकलना) हो रही है।
हैचिंग पीरियड शुरू होने से पहले ही वन विभाग ने तटवर्तीय गांवों के लोगों को आगाह किया था कि इन दिनों नेस्ट (जहां अंडे दिए हों) के पास पशु या मनुष्य के जाने पर मगरमच्छ हमलावर हो जाते हैं। बाह के रेंजर अमित सिसौदिया ने बताया कि ग्रामीणों को सलाह दी गई थी कि नदी किनारे जाने से बचें।
मगरमच्छ के हमले की घटनाओं से नदी किनारे पशुओं को पानी पिलाने ले जाने से चरवाहे डरने लगे हैं। चंबल नदी में इन दिनों मगरमच्छ की हैचिंग (अंडों से बच्चे निकलना) हो रही है।
हैचिंग पीरियड शुरू होने से पहले ही वन विभाग ने तटवर्तीय गांवों के लोगों को आगाह किया था कि इन दिनों नेस्ट (जहां अंडे दिए हों) के पास पशु या मनुष्य के जाने पर मगरमच्छ हमलावर हो जाते हैं। बाह के रेंजर अमित सिसौदिया ने बताया कि ग्रामीणों को सलाह दी गई थी कि नदी किनारे जाने से बचें।