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UP: मथुरा-वृंदावन में साफ और आगरा में गंदी बहेगी यमुना, स्वच्छ गंगा मिशन में नहीं मिली जगह
Fri, 12 Jul 2024 10:19 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 12 Jul 2024 10:19 AM IST
सार
गंगा को निर्मल बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन 25 शहरों की नदी प्रबंधन योजना बनाएगा। मकसद नदी तट पर बसे शहरों को नदी प्रबंधन के लिए तैयार करना है। पर, इस सूची में आगरा शामिल नहीं है। मथुरा, वृंदावन को जगह मिली है। ऐसे में मथुरा, वृंदावन में यमुना साफ और आगरा में गंदी बहेगी।
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यमुना
विस्तार
यमुना तट पर बसा आगरा देश के सर्वाधिक प्राचीन शहरों में शुमार है। यमुना, गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी है। यमुना की निर्मला और अविरलता के लिए पूर्व में बना यमुना एक्शन प्लान फेल हो चुका है। ऐसे में केंद्र सरकार ने देश के 25 शहरों के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को नदी प्रबंधन का खाका तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 25 शहरों में यूपी का बिजनौर, गोरखपुर, मिर्जापुर, मथुरा-वृंदावन और शाहजहांपुर शामिल है। इस सूची में आगरा को जगह नहीं मिलने से यमुना भक्तों में आक्रोश है।
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रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक बृज खंडेलवाल का कहना है कि आगरा की पेयजल आपूर्ति यमुना पर निर्भर थी। प्रदूषित यमुना के कारण बुलंदशहर से गंगाजल को शोधित कर पेयजल सप्लाई की जा रही है। यमुना का पुनरुद्धार जरूरी है। बहुत अधिक दिनों तक दूसरी नदियों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।
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यमुना प्रेमी जगन प्रसाद तेहरिया ने कहा कि आगरा में यमुना नदी के लिए प्रबंधक योजना बननी चाहिए। वहीं, यमुना भक्त डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि आगरा में यमुना गंदी ही रहेगी। जबकि मथुरा-वृंदावन में नदी प्रबंधन होगा। आगरा से राजनैतिक स्वार्थ में पक्षपात नहीं होना चाहिए।