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एक्सप्रेस वे बस हादसाः पोस्टमार्टम गृह पर लापरवाही देखकर भड़के परिजन
Wed, 10 Jul 2019 12:07 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 10 Jul 2019 12:07 AM IST
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खाई में गिरी बस का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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बस हादसे में मरे लोगों के शवों को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाने में लापरवाही की गई। सोमवार को कुरुक्षेत्र के एक मृतक के परिजनों ने डीएम से शिकायत की। शव की बेकदरी पर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद सीएमओ और मजिस्ट्रेट आ गए। तब कही 26 घंटे बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जा सका।
खेरी बदालन, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) निवासी प्रेमचंद (34) पुत्र रामकुमार एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थे। वह काम के सिलसिले में पांच दिन पहले लखनऊ गए थे। रविवार रात को बस से लौटकर आ रहे थे। एत्मादपुर में सोमवार तड़के बस के झरना नाले में गिरने से प्रेमचंद की मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि प्रेमचंद की मौत की जानकारी शाम पांच बजे पुलिस ने घर आकर दी थी। इस पर वह आगरा के लिए चल दिए। मंगलवार तड़के चार बजे आए। सबसे पहले थाना एत्मादपुर गए। वहां से प्रेमचंद का सामान लेने के बाद पोस्टमार्टम हाउस शनाख्त करने पहुंचे।
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खेरी बदालन, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) निवासी प्रेमचंद (34) पुत्र रामकुमार एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थे। वह काम के सिलसिले में पांच दिन पहले लखनऊ गए थे। रविवार रात को बस से लौटकर आ रहे थे। एत्मादपुर में सोमवार तड़के बस के झरना नाले में गिरने से प्रेमचंद की मौत हो गई।
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परिजनों ने बताया कि प्रेमचंद की मौत की जानकारी शाम पांच बजे पुलिस ने घर आकर दी थी। इस पर वह आगरा के लिए चल दिए। मंगलवार तड़के चार बजे आए। सबसे पहले थाना एत्मादपुर गए। वहां से प्रेमचंद का सामान लेने के बाद पोस्टमार्टम हाउस शनाख्त करने पहुंचे।
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शव को फर्श पर बिना एसी ताबूत और बर्फ के रखा गया था। इस कारण शव में काफी दुर्गंध आ चुकी थी। सुरक्षा का भी कोई इंतजाम नहीं था। इस बारे में पोस्टमार्टम कर्मियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। परिजनों ने बताया कि सोमवार तड़के तकरीबन चार बजे हादसा हुआ।
सुबह आठ बजे तक शव आ गए थे। तब से इसी तरह शवों को रखा गया। प्रेमचंद के शव से दुर्गंध भी आने लगी थी। सुबह 8:30 बजे तक पोस्टमार्टम करने के लिए कोई चिकित्सक नहीं आया।
इस पर डीएम के नंबर पर बात की। आधा घंटे बाद सीएमओ और मजिस्ट्रेट आ गए। वह भी काफी देर तक बातचीत करते रहे। एक घंटे बाद डॉक्टरों ने आकर पोस्टमार्टम किया। इससे देरी का सामना करना पड़ा।
सुबह आठ बजे तक शव आ गए थे। तब से इसी तरह शवों को रखा गया। प्रेमचंद के शव से दुर्गंध भी आने लगी थी। सुबह 8:30 बजे तक पोस्टमार्टम करने के लिए कोई चिकित्सक नहीं आया।
इस पर डीएम के नंबर पर बात की। आधा घंटे बाद सीएमओ और मजिस्ट्रेट आ गए। वह भी काफी देर तक बातचीत करते रहे। एक घंटे बाद डॉक्टरों ने आकर पोस्टमार्टम किया। इससे देरी का सामना करना पड़ा।
चार साल पहले हुई थी प्रेमचंद की शादी
प्रेमचंद की शादी को चार साल हुए थे। पत्नी आरती, तीन साल का बेटा वैभव है। पुलिस ने यह नहीं बताया था कि प्रेमचंद की मौत हो गई थी। उसके घायल होने की जानकारी दी थी। शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया।
आखिर में हुआ पोस्टमार्टम
सोमवार शाम को पांच बजे से मृतकों के शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। रात तकरीबन ढाई बजे तक 28 शवों का पोस्टमार्टम कर दिया गया। इसके बाद सोमवार सुबह दस बजे प्रेमचंद के शव का पोस्टमार्टम हुआ।
प्रेमचंद की शादी को चार साल हुए थे। पत्नी आरती, तीन साल का बेटा वैभव है। पुलिस ने यह नहीं बताया था कि प्रेमचंद की मौत हो गई थी। उसके घायल होने की जानकारी दी थी। शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया।
आखिर में हुआ पोस्टमार्टम
सोमवार शाम को पांच बजे से मृतकों के शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। रात तकरीबन ढाई बजे तक 28 शवों का पोस्टमार्टम कर दिया गया। इसके बाद सोमवार सुबह दस बजे प्रेमचंद के शव का पोस्टमार्टम हुआ।