{"_id":"60c22ca88ebc3e3808775c80","slug":"worship-of-banyan-tree-for-monogamous-and-progeny-kasganj-news-agr495257682","type":"story","status":"publish","title_hn":"अखंड सुहाग और संतान के लिए की वट वृक्ष की पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अखंड सुहाग और संतान के लिए की वट वृक्ष की पूजा
विज्ञापन
कासगंज। जिले में सुहागिन महिलाओं ने बृहस्पतिवार को वट सावित्री का व्रत रखा। महिलाओं ने वट वृक्षों पर जाकर अखंड सौभाग्य और संतान के लिए मनोकामनाएं करते हुए पूजा-अर्चना की। जिले में चामुंडा मंदिर के प्राचीन वट वृक्ष पर महिलाओं ने वृक्ष की जड़ पर कलावा लपेटा और अक्षत, रोली से पूजा की। दीप जलाया और भोग अर्पित किए। महिलाओं ने पूजा से जुड़े भजन गाते हुए वट वृक्ष की परिक्रमा की। साथ ही अखंड सौभाग्य की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या को यह व्रत करने का विधान है। वट वृक्ष यानि बरगद के पेड़ को देवता मानकर पूजा जाता है।
क्या बोले आचार्य-
- वट सावित्री व्रत अखंड सुहाग की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस व्रत के प्रभाव से पति की अल्पायु समाप्त कर लंबी आयु प्राप्त की जाती है। सनातन संस्कृति के अनुसार वट व्रत अखंड सुहाग और संतान के लिए किया जाता है। वट वृक्ष यानि बरगद का पेड़ जो मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसकी पूजा करके प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया जाता है। - प्रद्युम्न निर्भय, आचार्य।
- वट सावित्री की पूजा का विशेष महत्व है। सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए इस व्रत को करती हैं, लेकिन वट वृक्ष की पूजा प्रकृति के संरक्षण का संदेश देती है। वट वृक्ष तमाम औषधीय गुणों से भरपूर है। इसलिए सौभाग्य के प्रतीक इस पौधे का रोपण करना आवश्यक है। मैं स्वयं हर बार एक वट वृक्ष का रोपण करती हूं। - डॉ. शशिलता चौहान, पूर्व पालिकाध्यक्ष।
विज्ञापन
्र
विज्ञापन
क्या बोले आचार्य-
- वट सावित्री व्रत अखंड सुहाग की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस व्रत के प्रभाव से पति की अल्पायु समाप्त कर लंबी आयु प्राप्त की जाती है। सनातन संस्कृति के अनुसार वट व्रत अखंड सुहाग और संतान के लिए किया जाता है। वट वृक्ष यानि बरगद का पेड़ जो मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसकी पूजा करके प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया जाता है। - प्रद्युम्न निर्भय, आचार्य।
विज्ञापन
- वट सावित्री की पूजा का विशेष महत्व है। सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए इस व्रत को करती हैं, लेकिन वट वृक्ष की पूजा प्रकृति के संरक्षण का संदेश देती है। वट वृक्ष तमाम औषधीय गुणों से भरपूर है। इसलिए सौभाग्य के प्रतीक इस पौधे का रोपण करना आवश्यक है। मैं स्वयं हर बार एक वट वृक्ष का रोपण करती हूं। - डॉ. शशिलता चौहान, पूर्व पालिकाध्यक्ष।
विज्ञापन
्र