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World Heart Day 2024: हार्ट के मरीज भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, पांच गुना ज्यादा खतरा
Sun, 29 Sep 2024 10:15 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 29 Sep 2024 10:15 AM IST
सार
हृदय रोगियों में 20-30 साल के 18 फीसदी मरीज आ रहे हैं। वजह है बिगड़ती दिनचर्या और शराब व धूम्रपान। यदि इनका सेवन करते हैं तो हृदय रोग का खतरा पांच गुना ज्यादा बढ़ जाता है।
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हार्ट अटैक के बढ़ते मामले
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
दौड़ते-दौड़ते या जिम में व्यायाम करते समय हृदयाघात से जान चली गई। कई सेलिब्रिटी का भी यही हाल रहा। ऐसे में भागदौड़-मेहनत वाला कार्य करने से पहले एक बार विशेषज्ञ से हृदय की जांच जरूर करा लें।
आगरा हार्ट एसोसिशन के सचिव डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण, बाजार के तले भोजन, फास्ट फूड और खराब फिटनेस से युवा हृदय रोगी बन रहे हैं। कुल मरीजों में 20-30 साल के 18 फीसदी हैं। शुरुआत में घबराहट, सामान्य स्थिति में पसीना आना, बेचैनी, छाती में दर्द, थकावट और हाथ-पैर ठंडे रहने की शिकायत होती है। कई बार इन लक्षणों के नजरअंदाज करना हृदयाघात की वजह बन जाता है।
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आगरा हार्ट एसोसिशन के सचिव डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण, बाजार के तले भोजन, फास्ट फूड और खराब फिटनेस से युवा हृदय रोगी बन रहे हैं। कुल मरीजों में 20-30 साल के 18 फीसदी हैं। शुरुआत में घबराहट, सामान्य स्थिति में पसीना आना, बेचैनी, छाती में दर्द, थकावट और हाथ-पैर ठंडे रहने की शिकायत होती है। कई बार इन लक्षणों के नजरअंदाज करना हृदयाघात की वजह बन जाता है।
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हृदय की नसें हो रही कमजोर
एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि ट्रांस फैट हृदय के लिए बेहद खतरनाक है। खासतौर से होटल-रेस्तरां, हलवाई के यहां तेल को कई बार उपयोग करते हैं, इससे खाने-पीने की सामग्री को लंबे समय तक खाने से हृदय की नसों में वसा जमने लगता है। नस संकुचित होने से हृदयाघात होता है। यदि शराब और धूम्रपान की लत है तो खतरा 5 गुना तक बढ़ जाता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि ट्रांस फैट हृदय के लिए बेहद खतरनाक है। खासतौर से होटल-रेस्तरां, हलवाई के यहां तेल को कई बार उपयोग करते हैं, इससे खाने-पीने की सामग्री को लंबे समय तक खाने से हृदय की नसों में वसा जमने लगता है। नस संकुचित होने से हृदयाघात होता है। यदि शराब और धूम्रपान की लत है तो खतरा 5 गुना तक बढ़ जाता है।
ये है औसत मानक:
धड़कन: 60-80 प्रति मिनट
रक्तचाप: 110/70 मिमी /एचजी
खाली पेट पर शुगर का स्तर: 100 एमजी
भोजन के बाद शुगर का स्तर: 110-140 एमजी
नमक: किसी भी रूप में कुल 2-5 ग्राम रोजाना
धड़कन: 60-80 प्रति मिनट
रक्तचाप: 110/70 मिमी /एचजी
खाली पेट पर शुगर का स्तर: 100 एमजी
भोजन के बाद शुगर का स्तर: 110-140 एमजी
नमक: किसी भी रूप में कुल 2-5 ग्राम रोजाना
ये करें :
- नियमित योग-ध्यान करें। पैदल चलने की आदत डालें।
- कम दूरी पर जाने के लिए साइकिल का उपयोग करें।
- दाल, हरी तरकारी, चपाती और फल-सलाद अधिक खाएं।
- घर के बना भोजन खाएं, फास्टफूड-तले भोजन से पेट न भरें।
- शराब-धूम्रपान न करें, 30 की उम्र के बाद जांच कराएं।
- नियमित योग-ध्यान करें। पैदल चलने की आदत डालें।
- कम दूरी पर जाने के लिए साइकिल का उपयोग करें।
- दाल, हरी तरकारी, चपाती और फल-सलाद अधिक खाएं।
- घर के बना भोजन खाएं, फास्टफूड-तले भोजन से पेट न भरें।
- शराब-धूम्रपान न करें, 30 की उम्र के बाद जांच कराएं।