World Environment Day:पर्यावरण के पांच दुश्मनों को हराएं, वातावरण को शुद्ध बनाएं
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए काम करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इसलिए हम सभी पर्यावरण की रक्षा की शपथ लें। अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़ लगाएं।
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प्रत्येक वर्ष दुनियाभर में पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरुकता पैदा करना है। आप और हम मिलकर पर्यावरण के पांच दुश्मनों को हराकर वातावरण को शुद्ध बना सकते हैं। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए काम करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इसलिए आज के दिन हम सभी पर्यावरण की रक्षा की शपथ लें। अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़ लगाएं। प्रदूषण को कम करने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। पर्यावरण जितना अच्छा रहेगा हम और आप भी उतने ही स्वस्थ रहेंगे।
वायु प्रदूषण सबसे बड़ा दुश्मन
वायु प्रदूषण पर्यावरण का सबसे बड़ा दुश्मन है। वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण वाहनों की अधिकता है। सड़कों पर दौड़ने वाले अनफिट वाहनों से निकलने वाला धुआं भी प्रदूषण का कारण बन रहे हैं। वाहनों की समय-समय पर फिटनेस और प्रदूषण की जांच कराकर हम-आप इसे रोक सकते हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करके प्राण वायु को शुद्ध बनाने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
कूड़ा और पराली न जलाएं
कूड़ा और पराली से उठने वाला धुआं पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। किसानों की जिम्मेदारी है कि वह पराली न जलाएं। शहर में पालिकाकर्मी ही कूड़े के ढेरों में आग लगा देते हैं। कूड़े के ढेरों से उठने वाला धुआं पर्यावरण को दूषित करता है। पालिका के सफाईकर्मियों और आमजन की जिम्मेदारी है कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वह कूड़ा न जलाएं।
पेड़ लगाएं, देखभाल करें
पर्यावरण की सुरक्षा में पेड़ों का महत्वपूर्ण योगदान है। हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जाते हैं। इनमें से देखरेख के अभाव में बड़ी संख्या में वे पेड़ नहीं बन पाते हैं। हमारी जिम्मेदारी पौध रोपण के साथ ही उसकी देखभाल की भी है। पेड़ों का कटान रोकने की जिम्मेदारी भी हम सभी की है। अगर कहीं कटान हो रहा है तो इसकी सूचना वन विभाग, थाना पुलिस और उच्च अधिकारियों को दें।
पॉलिथीन का प्रयोग बंद करें
पॉलिथीन पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। इसीलिए सरकार ने इसे प्रतिबंधित कर दिया है। बावजूद इसके इसका इस्तेमाल बाजार में हो रहा है। हम सभी प्रतिबंधित पॉलिथीन हररोज घर ला रहे हैं। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हम सभी को प्रतिबंधित पॉलिथीन का त्याग करना होगा। आमजन के सहयोग के बिना सरकार द्वारा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम कारगर नहीं हो सकते हैं।
धूल कर रही पर्यावरण दूषित
धूल भी पर्यावरण को दूषित करने का काम करती है। धूल के कण हवा में शामिल होकर मनुष्य की आंख और फेंफड़ों सहित शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए हमें इस दिशा में सतर्क रहना चाहिए। इस दिशा में अफसरों की जिम्मेदारी भी कम नहीं है। क्यों कि सड़क सहित अन्य निर्माण कार्यों के दौरान पानी आदि का छिड़काव न किए जाने से धूल उड़ती है, जिससे वायु प्रदूषित होती है।
मैनपुरी के डॉ. किरन सौजिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल के चेयरपर्सन डॉ. अशोक यादव ने कहा कि पर्यावरण से परे हमारा अस्तित्व ही नहीं है। मनुष्य और पर्यावरण दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। हम पर्यावरण से ही जीते हैं। इसलिए पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
सुदिती ग्लोबल एकेडमी के प्रधानाचार्य डॉ. राममोहन ने कहा कि मेरी हर व्यक्ति से अपील है कि वह पर्यावरण की सुरक्षा में अपना योगदान दें। प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पेड़ पौधा और उसकी बेटे की तरह पेड़ बनने तक देखभाल करें।
कवयित्री ऊषा त्रिपाठी ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पेड़ महत्वपूर्ण हैं। इसलिए हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अधिक से अधिक पौधे लगाएं। साथ ही उनकी देखभाल भी करें। जिससे वह बड़े हो सकें। चिकित्सक राकेश गुप्ता ने कहा कि वृक्ष धरा के भूषण हैं, ये हमें ऑक्सीजन देते हैं। बिना इनके पर्यावरण का संतुलन संभव नहीं है। इसलिए मेरी सभी से अपील है कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएं।