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महिला अपराध में लापरवाही पड़ेगी महंगी
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मैनपुरी। महिला अपराध की विवेचना में लापरवाही बरतना विवेचक को महंगा पड़ेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने एसपी से सात महीने में दर्ज किए गए महिला अपराध के मामलों की विवेचना की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। अधिक समय तक विवेचना लंबित रहने वाले विवेचक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महिला अपराध में छेड़छाड़, दुष्कर्म, दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या, घरेलू हिंसा जैसे मामलों में पुलिस की विवेचना से ही अपराध का होना और नहीं होना पाया जाता है। विवेचना में समय ज्यादा लगने पर आरोपी पीड़ित पक्ष पर समझौता करने का दबाव बनाते हैं। न्याय मिलने में देरी होने पर कई बार पीड़ित पक्ष समझौता भी कर लेता है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने इन अपराधों पर कड़ा रुख अपनाया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सिविल जज अमित मिश्रा ने सात महीने में दर्ज किए गए महिला अपराधों की प्रगति रिपोर्ट एसपी से मांगी है।
दर्ज किए गए अपराधों में पुलिस की विवेचना की प्रगति रिपोर्ट, फाइनल रिपोर्ट लगाए जाने पर फाइनल रिपोर्ट का आधार, विवेचना लंबित होने पर विवेचना लंबित होने की बिंदुवार स्पष्ट आख्या देने को कहा गया है। अधिक समय तक विवेचना लंबित होने पर विवेचक के खिलाफ की गई कार्रवाई की आख्या मांगी है।
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महिला अपराध पर शासन और कोर्ट का स्पष्ट रुख है। विवेचना में देरी का लाभ किसी तरह आरोपी को नहीं मिलना चाहिए। विवेचना समय से पूरी करके चार्जशीट अथवा फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में भेजी जानी चाहिए। - अमित मिश्रा, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण
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महिला अपराध में छेड़छाड़, दुष्कर्म, दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या, घरेलू हिंसा जैसे मामलों में पुलिस की विवेचना से ही अपराध का होना और नहीं होना पाया जाता है। विवेचना में समय ज्यादा लगने पर आरोपी पीड़ित पक्ष पर समझौता करने का दबाव बनाते हैं। न्याय मिलने में देरी होने पर कई बार पीड़ित पक्ष समझौता भी कर लेता है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने इन अपराधों पर कड़ा रुख अपनाया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सिविल जज अमित मिश्रा ने सात महीने में दर्ज किए गए महिला अपराधों की प्रगति रिपोर्ट एसपी से मांगी है।
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दर्ज किए गए अपराधों में पुलिस की विवेचना की प्रगति रिपोर्ट, फाइनल रिपोर्ट लगाए जाने पर फाइनल रिपोर्ट का आधार, विवेचना लंबित होने पर विवेचना लंबित होने की बिंदुवार स्पष्ट आख्या देने को कहा गया है। अधिक समय तक विवेचना लंबित होने पर विवेचक के खिलाफ की गई कार्रवाई की आख्या मांगी है।
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महिला अपराध पर शासन और कोर्ट का स्पष्ट रुख है। विवेचना में देरी का लाभ किसी तरह आरोपी को नहीं मिलना चाहिए। विवेचना समय से पूरी करके चार्जशीट अथवा फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में भेजी जानी चाहिए। - अमित मिश्रा, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण