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दो साल से कमरे में बंद महिला को मुक्त कराया
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Mon, 06 Jul 2015 02:05 AM IST
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थाना क्षेत्र के ग्राम खेरिया में पिछले दो वर्षों से एक कमरे में बंद मानसिक रूप से बीमार महिला को पुलिस ने मुक्त कराया है। ससुरालीजनों के घर से निकाले जाने के बाद मायके में उसके भाई ने कहीं चली न जाए, इस कारण कमरे में बंद कर रखा था। कमरे में ही उसे जंगले से खाना पीना दिया जा रहा था। महिला उसी कमरे में शौच आदि करती रही। दुर्गंध आने पर आसपास के लोगों ने थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का ताला तोड़कर महिला को मुक्त कराया।
गांव खेरिया निवासी भूप सिंह पुत्र देवीलाल की बहन ज्ञानवती (35) की शादी मई पूना जिला हाथरस में हुई थी। उसका 17 वर्ष का एक लड़का भी है। ससुरालीजनों ने ज्ञानवती को घर से निकाल दिया था। इसके बाद वह मायके आ गई। गांव में ईट पत्थर फेंकने पर उसके भाई भूप सिंह ने एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद खुद कस्बा खंदौली में मकान बनवाकर परिवार सहित रहने लगा। ग्रामीणों ने बताया कि इन दो वर्षों में भाई उसे जंगले से ही भोजन-पानी दिया करता था। ग्रामीणों ने एक बार उसे कमरे से निकाल भी दिया था लेकिन बाद में उसे फिर से बंद कर दिया गया। रविवार को ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ कर महिला को मुक्त कर दिया।
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गांव खेरिया निवासी भूप सिंह पुत्र देवीलाल की बहन ज्ञानवती (35) की शादी मई पूना जिला हाथरस में हुई थी। उसका 17 वर्ष का एक लड़का भी है। ससुरालीजनों ने ज्ञानवती को घर से निकाल दिया था। इसके बाद वह मायके आ गई। गांव में ईट पत्थर फेंकने पर उसके भाई भूप सिंह ने एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद खुद कस्बा खंदौली में मकान बनवाकर परिवार सहित रहने लगा। ग्रामीणों ने बताया कि इन दो वर्षों में भाई उसे जंगले से ही भोजन-पानी दिया करता था। ग्रामीणों ने एक बार उसे कमरे से निकाल भी दिया था लेकिन बाद में उसे फिर से बंद कर दिया गया। रविवार को ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ कर महिला को मुक्त कर दिया।
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