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पति को मृत बताकर महिला ने किया ऐसा कारनामा, दंग रह गए ससुराल वाले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 20 Jul 2018 12:27 PM IST
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आगरा में एक महिला ने ऐसा कारनामा किया, जिसे जानकर उसके ससुरालवालों के होश उड़े गए। महिला ने अपनी सास के मकान के कागजात चोरी कर एक फाइनेंस कंपनी से 25.65 लाख रुपए का लोन ले लिया।
लोन लेने के लिए उसने जीवित पति का मृत्यु प्रमाणपत्र लगाया। इसके बाद बेटी के साथ नोएडा में रेस्तरां खोल लिया। इस मामले में जून में थाना हरीपर्वत में मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
थाने के एसआई राकेश गिरी ने बताया कि खंदारी निवासी बृजेश कुमार की शादी इलाहाबाद की श्वेता से हुई थी। 2015 में बृजेश का पत्नी से विवाद हो गया। उन्होंने परिवार न्यायालय में तलाक का केस दायर कर दिया। तभी से श्वेता अलग रह रही थी।
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लोन लेने के लिए उसने जीवित पति का मृत्यु प्रमाणपत्र लगाया। इसके बाद बेटी के साथ नोएडा में रेस्तरां खोल लिया। इस मामले में जून में थाना हरीपर्वत में मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
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थाने के एसआई राकेश गिरी ने बताया कि खंदारी निवासी बृजेश कुमार की शादी इलाहाबाद की श्वेता से हुई थी। 2015 में बृजेश का पत्नी से विवाद हो गया। उन्होंने परिवार न्यायालय में तलाक का केस दायर कर दिया। तभी से श्वेता अलग रह रही थी।
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सास का मकान रखा गिरवीं
पिछले साल परिजनों के पास दीवान हाउसिंग कॉरपोरेशन की संजय प्लेस शाखा से नोटिस आया। इसमें पता चला कि बृजेश की 80 वर्षीय मां भगवती देवी के नाम पर मकान के कागजात गिरवीं रखकर 25.65 लाख रुपये का लोन लिया गया है।
इसमें भगवती देवी भी सह लोन धारक हैं, जबकि वो कभी लोन लेने नहीं गईं थीं। इसके अलावा लोन लेने के लिए कागजातों पर फर्जी दस्तखत भी किए गए। जिस समय लोन लिया गया, उस समय मकान भगवती देवी के नाम पर था, लेकिन बैनामा के कागजात कहीं गुम हो गए थे।
इस संबंध में थाने में तहरीर दी थी। समाचार पत्रों में विज्ञापन भी निकलवाया था। इन्हीं कागजातों को चुराकर लोन लिया गया। बाद में भगवती देवी ने यह मकान 29 जनवरी 2015 को बेटी शीला के नाम कर दिया।
इसमें भगवती देवी भी सह लोन धारक हैं, जबकि वो कभी लोन लेने नहीं गईं थीं। इसके अलावा लोन लेने के लिए कागजातों पर फर्जी दस्तखत भी किए गए। जिस समय लोन लिया गया, उस समय मकान भगवती देवी के नाम पर था, लेकिन बैनामा के कागजात कहीं गुम हो गए थे।
इस संबंध में थाने में तहरीर दी थी। समाचार पत्रों में विज्ञापन भी निकलवाया था। इन्हीं कागजातों को चुराकर लोन लिया गया। बाद में भगवती देवी ने यह मकान 29 जनवरी 2015 को बेटी शीला के नाम कर दिया।
बिना जांच के दिया लोन
फाइनेंस कंपनी ने संपत्ति की जांच भी नहीं की। मगर, लोन लेने के लिए मूल बैनामा फाइनेंस कंपनी में लगाया गया। श्वेता ने लोन लेते समय पति को भी मृत दर्शा दिया। इसके लिए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी लगाया।
फाइनेंस कंपनी ने 35 लाख रुपये बकाया अदा करने को कहा है। श्वेता नोएडा में रह रही है। उसकी बेटी भी साथ ही है। उसने नोएडा के सेक्टर 110 में एक रेस्तरां खोल लिया है। पुलिस ने गुरुवार को श्वेता को गिरफ्तार कर लिया।
फाइनेंस कंपनी ने 35 लाख रुपये बकाया अदा करने को कहा है। श्वेता नोएडा में रह रही है। उसकी बेटी भी साथ ही है। उसने नोएडा के सेक्टर 110 में एक रेस्तरां खोल लिया है। पुलिस ने गुरुवार को श्वेता को गिरफ्तार कर लिया।