आगरा: मेहंदी का रंग छूटने से पहले उठी अर्थी, विवाहिता की जलकर मौत, पति समेत तीन को जेल
आगरा में शादी के 44 दिन बाद विवाहिता की जलकर मौत हो गई। मायका पक्ष ने ससुरालवालों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
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फिरोजाबाद के पचोखरा निवासी किशनलाल ने पुलिस को बताया कि बेटी रीता की शादी 18 फरवरी को शाहगंज की राम स्वरूप कालोनी निवासी विष्णु से की थी। विष्णु सैलून चलाता है। रीता होली पर घर आई थी। उसने बताया कि ससुरालीजन दहेज में एक लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। इसके लिए उसे परेशान करते हैं।
एक अप्रैल रात बेटी ने किया था फोन
ससुरालीजनों ने रुपये लेकर आने के लिए बोला है। 25 मार्च को विष्णु रीता को लेने आया। तब उससे कहा था कि गेहूं बेचकर रुपये दे देंगे। इस पर वो बेटी ले गया। आरोप लगाया कि एक अप्रैल की रात को बेटी ने फोन किया। वह रो रही थी। एक ही बात कही कि ससुरालीजन परेशान कर रहे हैं। इसके बाद फोन कट गया। फोन लगाने पर भी नहीं लगा।अगले दिन सुबह 11 बजे ससुरालियों का फोन आया। उन्होंने रीता की तबियत खराब बताई। जब वो पहुंचे तो बेटी अस्पताल में जली हुई हालत में भर्ती थी। बेटी को अस्पताल में छोड़कर ससुराली भाग गए। देर रात उसकी मौत हो गई। उन्होंने पति विष्णु, ससुर, सास, देवर, तीन चचेरे भाइयों के खिलाफ दहेज के लिए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
सीओ लोहामंडी अर्चना सिंह ने बताया कि मामले में पति, सास और ससुर को गिरफ्तार किया गया है। रविवार को तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी जेल भेज दिए गए। मामले में विवेचना की जा रही है।
परिवार में मचा कोहराम
परिजनों का कहना था कि बेटी की शादी के लिए परिवार ने काफी समय से तैयारी कर रखी थी। पाई-पाई जोड़कर शादी की थी। मगर, शादी के बाद ही बेटी को परेशान किया जाने लगा। अभी उसके हाथों की मेहंदी का रंग भी नहीं उतरा था कि उसकी जान ले ली गई। बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।