आगरा। भव्य भारत के बिना, भव्य विश्व की संरचना संभव नहीं है। भारत तो विश्व का हृदय है। यहां राम और कृष्ण के रूप में साक्षात जगदीश्वर अवतरित हुए हैं। ये विचार शुक्रवार को जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कमला नगर के दाऊजी पार्क में आयोजित धर्मसभा में रखे।
उन्होंने कहा कि भारत में संत और महात्माओं ने जन्म लिया है। हजारों साल पुरानी इस सभ्यता को आज विश्व के कई देश अपना रहे हैं। उन्होंने हिंदू राष्ट्र, गोवंश की रक्षा को लेकर भी विचार रखे। कहा कि इस दिशा में शिक्षित और समर्थ लोगों को भी आगे आना होगा। आधुनिक व्यक्ति के विकास की विभीषिका ने वायुमंडल को विषाक्त कर दिया है। यह प्रदूषण का ही प्रभाव है कि भगवान कृष्ण की चांदी की पादुकाएं भी काली हो गई हैं। हमें प्रदूषण को रोकना होगा। इसके लिए सार्थक प्रयास करने होंगे। जगद्गुरु ने ताजमहल को लेकर भी विचार रखे। शहर के सौंदर्यीकरण और विकास को लेकर अपनी राय दी। कार्यक्रम में महापौर नवीन जैन, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, विधायक राम प्रताप सिंह चौहान, भाजपा नेत्री डॉ. बीना लवानिया, आयोजक बृजेश सिकरवार, सर्वेश सिकरवार, डॉ. एकता सिंह, रश्मि सिकरवार, राष्ट्रदीप सिकरवार, राजीव गर्ग, पार्षद प्रदीप अग्रवाल, पार्षद दीपक ढल आदि मौजूद रहे।