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आंख मूंदकर जारी किए शराब ठेकों के लाइसेंस
आंख मूंदकर जारी किए शराब ठेकों के लाइसेंस
Updated Sun, 05 Mar 2017 01:02 AM IST
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आंख मूंदकर जारी किए शराब ठेकों के लाइसेंस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आबकारी विभाग ने जिले में आंख मूंदकर शराब ठेकों के लिए लाइसेंस जारी किए। न स्कूल-कालेज देखे और न ही धार्मिक स्थल। इन सभी जगहों के आसपास खुलेआम सड़क किनारे जाम छलकते हैं। इन्हें रोकने के कोई इंतजाम नहीं है। पुलिस-प्रशासन ने भी आंखें बंद कर ली है। ऐसे में राहगीरों का इन रास्तों से गुजरना मुश्किल हो गया है।
नियम दरकिनार कर शहर में शराब ठेकों के लाइसेंस जारी किए गए हैं। नगर निगम के अनुसार, स्कूल-कालेज, धार्मिक स्थल और अस्पताल के 50 मीटर दायरे में शराब की बिक्री प्रतिबंधित है। मगर, शहर में ऐसी तमाम जगह हैं, जहां इस नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पंचकुइयां इनमें से एक है। यहां राजकीय विद्यालय के हॉस्टल परिसर से लगी दुकान में ही शराब का ठेका संचालित हो रहा है। कुछ कदमों की दूरी पर मंदिर भी है। ऐसा ही ट्रांसपोर्ट नगर के सामने स्कूल-कोचिंग के पास भी शराब का ठेका खुला है। छात्र-छात्राएं दिनभर यहां से गुजरते हैं। वहीं, इन ठेकों के बाहर खुलेआम तमाम लोग शराब पीते नजर आते हैं।
खंदारी चौराहा, अवधपुरी, संजय प्लेस, सिकंदरा, आवास विकास, कारगिल चौराहा आदि जगहों पर ऐसी ही स्थिति रहती है। ठेका संचालकों ने पास में ही छोटी सी अन्य दुकान भी खोल रखी हैं। यहां बैठकर शराब पिलाई जाती है। यह सब आबकारी विभाग की शह पर चलता है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक एक भी शराब विक्रेता के खिलाफ खुलेआम में शराब पिलाए जाने के आरोप में उसका लाइसेंस निरस्त नहीं किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने भी इसकी रोकथाम के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
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इनसेट
लोगों में बढ़ता जा रहा आक्रोश
सड़क किनारे शराबियों का जमघट लगने की वजह से अधिकांश क्षेत्रों में शराब के ठेके खुलने का विरोध होने लगा है। स्वतंत्रता सेनानी चिम्मन लाल जैन के नेतृत्व में कई जगह प्रदर्शन भी हो चुका है।
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नियम दरकिनार कर शहर में शराब ठेकों के लाइसेंस जारी किए गए हैं। नगर निगम के अनुसार, स्कूल-कालेज, धार्मिक स्थल और अस्पताल के 50 मीटर दायरे में शराब की बिक्री प्रतिबंधित है। मगर, शहर में ऐसी तमाम जगह हैं, जहां इस नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पंचकुइयां इनमें से एक है। यहां राजकीय विद्यालय के हॉस्टल परिसर से लगी दुकान में ही शराब का ठेका संचालित हो रहा है। कुछ कदमों की दूरी पर मंदिर भी है। ऐसा ही ट्रांसपोर्ट नगर के सामने स्कूल-कोचिंग के पास भी शराब का ठेका खुला है। छात्र-छात्राएं दिनभर यहां से गुजरते हैं। वहीं, इन ठेकों के बाहर खुलेआम तमाम लोग शराब पीते नजर आते हैं।
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खंदारी चौराहा, अवधपुरी, संजय प्लेस, सिकंदरा, आवास विकास, कारगिल चौराहा आदि जगहों पर ऐसी ही स्थिति रहती है। ठेका संचालकों ने पास में ही छोटी सी अन्य दुकान भी खोल रखी हैं। यहां बैठकर शराब पिलाई जाती है। यह सब आबकारी विभाग की शह पर चलता है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक एक भी शराब विक्रेता के खिलाफ खुलेआम में शराब पिलाए जाने के आरोप में उसका लाइसेंस निरस्त नहीं किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने भी इसकी रोकथाम के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
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सड़क किनारे शराबियों का जमघट लगने की वजह से अधिकांश क्षेत्रों में शराब के ठेके खुलने का विरोध होने लगा है। स्वतंत्रता सेनानी चिम्मन लाल जैन के नेतृत्व में कई जगह प्रदर्शन भी हो चुका है।