हाथरस हादसा: अस्पताल में नहीं थी उपचार की व्यवस्था, विकास भवन के बाबू की पत्नी ने तोड़ दिया दम
हाथरस हादसे के बाद सिकंदराराऊ के अस्पताल में उपचार की व्यवस्था नहीं थी। आगरा के विकास भवन में तैनात बाबू की पत्नी ने दम तोड़ दिया।
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यूपी के हाथरस में सिकदंराराऊ में सत्संग के दौरान हुए हादसे में आगरा के विकास भवन में तैनात बाबू मदन मोहन की पत्नी शीला देवी (57) की मौत हो गई। शीला देवी सत्संग सुनने गईं थीं। हादसे के बाद परिवार के पास एक फोन आया। शीला देवी के घायल होने के बारे में बताया। दोनों बेटे और पति सिकंदराराऊ पहुंचे। सरकारी अस्पताल में शीला देवी फर्श पर पड़ी मिलीं। वह मां को कार से एसएन इमरजेंसी लेकर आए। 50 किलोमीटर के सफर में 2 घंटे लग गए। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मदन मोहन क्लर्क हैं। गोबर चौकी स्थित सिद्धार्थ नगर में रहते हैं। उनके दो बेटे दीतेश और धारा सिंह हैं। दीतेश सरकारी शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि मां शीला देवी अक्सर सत्संग सुनने जाया करती थीं। गोबर चौकी से सुबह 5 बजे एक बस से सत्संग में गई थीं। अपराह्न 3 बजे फोन आया। हादसे की जानकारी दी, व्हाट्सएप पर फोटो भेजा। सभी लोग घबरा गए। फोन करने वाले ने कहा कि जल्दी से आ जाओ। इन्हें ले जाओ।
सिकंदराराऊ के अस्पताल में नहीं थी उपचार की व्यवस्था
दोनों बेटे और पिता एक कार से हाथरस के लिए चल दिए। बेटों ने बताया कि दूरी तय करने में डेढ़ घंटे का समय लग गया। मां सिकंदराराऊ के अस्पताल में फर्श पर पड़ी हुई थीं। चारों तरफ शव और घायल लोग थे। चीखने की आवाज आ रही थीं। कोई डॉक्टर भी नहीं था, जो उन्हें देख सकता हो। इसलिए मां को कार में किसी तरह लेकर आए। एसएन आने में शाम के 7 बज गए। यहां पर चिकित्सक को दिखाया, लेकिन तब तक मां की सांसें थम चुकी थीं।