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कासगंज में 97 हजार हेक्टेअर में होगी गेहूं की बुवाई
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कासगंज। गेहूं की बुवाई शुरू हो चुकी है। जनपद में 97 हजार हेक्टेअर में गेहूं की बुवाई का लक्ष्य है। नवंबर के अंत तक गेहूं की बुवाई का समय अच्छा माना जाता है। इस समय बुवाई करने से अच्छी पैदावारकी संभावना रहती है।
तीन दिन पूर्व हुई बारिश के बाद खेतों में नमी आ गई हैं। इसका फायदा लेते हुए किसानों ने गेहूं की बुवाई के लिए खेतों को तैयार किया है। बुवाई के लिए नवंबर माह अच्छा माना जाता है। इस समय तापमान भी बुवाई के अनुकूल है और अच्छी उपज होती है। नवंबर तक एचडी 2967, एचडी 3064 एवं 3043 वैराइटी अच्छी रहती हैं। जो तीन माह में पककर तैयार हो जाती हैं।
50 फीसदी अनुदान पर मिल रहा बीज
कृषि विभाग गेहूं का बीज राजकीय बीज गोदामों पर 50 फीसदी अनुदान पर किसानों को मुहैया करा रहा है। जनपद के लिए 2200 क्विंटल बीज का आवंटन किया है। इसमें 800 क्विंटल बीज का किसानों को वितरण किया जा चुका है। पहले आए पहले पाओ के आधार पर बीत वितरण हो रहा है।
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खाद की पर्याप्त व्यवस्था, नहीं होगी किल्लत
गेहूं की बुवाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के लिए किसानों को खाद की आवश्यकता होती है। कृषि विभाग का दावा है कि जनपद में खाद की किल्लत का सामना किसानों को नहीं करना होगा। इस समय 7000 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर खाद की डिमांड कर उपलब्ध कराया जाएगा।
बुवाई के लिए यह समय अनुकूल है। 30 नवंबर तक बुवाई का समय बेहतर है। जनपद में खाद की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। वहीं किसानों को अनुदान पर बीज भी उपब्लध कराया जा रहा है।
- सुमित कुमार चौहान, जिला कृषि अधिकारी।
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तीन दिन पूर्व हुई बारिश के बाद खेतों में नमी आ गई हैं। इसका फायदा लेते हुए किसानों ने गेहूं की बुवाई के लिए खेतों को तैयार किया है। बुवाई के लिए नवंबर माह अच्छा माना जाता है। इस समय तापमान भी बुवाई के अनुकूल है और अच्छी उपज होती है। नवंबर तक एचडी 2967, एचडी 3064 एवं 3043 वैराइटी अच्छी रहती हैं। जो तीन माह में पककर तैयार हो जाती हैं।
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50 फीसदी अनुदान पर मिल रहा बीज
कृषि विभाग गेहूं का बीज राजकीय बीज गोदामों पर 50 फीसदी अनुदान पर किसानों को मुहैया करा रहा है। जनपद के लिए 2200 क्विंटल बीज का आवंटन किया है। इसमें 800 क्विंटल बीज का किसानों को वितरण किया जा चुका है। पहले आए पहले पाओ के आधार पर बीत वितरण हो रहा है।
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खाद की पर्याप्त व्यवस्था, नहीं होगी किल्लत
गेहूं की बुवाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के लिए किसानों को खाद की आवश्यकता होती है। कृषि विभाग का दावा है कि जनपद में खाद की किल्लत का सामना किसानों को नहीं करना होगा। इस समय 7000 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर खाद की डिमांड कर उपलब्ध कराया जाएगा।
बुवाई के लिए यह समय अनुकूल है। 30 नवंबर तक बुवाई का समय बेहतर है। जनपद में खाद की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। वहीं किसानों को अनुदान पर बीज भी उपब्लध कराया जा रहा है।
- सुमित कुमार चौहान, जिला कृषि अधिकारी।