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सप्ताहिक प्लान गेहूं खरीद: 15 दिन में खरीदा गया मात्र 23.7 मीट्रिकटन गेहूं

Fri, 01 Jul 2022 11:43 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2022 11:43 PM IST
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Wheat procurement weekly plan: Only 23.7 metric tonnes of wheat purchased in 15 days
कासगंज में गल्ला मंडी परिसर में लगा गेहूं का ढेर - फोटो : KASGANJ
कासगंज। जनपद में गेहूं के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बढ़ाए गए 15 दिन के समय का कोई नतीजा नहीं निकला। इस अवधि में मात्र 23.7 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा जा सका। जिले में खरीद का मात्र 0.80 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है।
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शासन ने किसानों की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए 52 क्रय केंद्र निर्धारित किए। जिले के लिए 53000 मीट्रिक टन गेहूं का लक्ष्य निर्धारित किया गया। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू की गई। 15 जून तक गेहूं की खरीद करने का समय निर्धारित किया गया। लेकिन इस समय सीमा तक लक्ष्य का मात्र 0.76 प्रतिशत गेहूं ही खरीदा जा सका। इतनी कम खरीद को देख शासन ने खरीद का समय 15 दिन बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया, लेकिन बढ़ाए हुए समय के बाद भी खरीद लक्ष्य से कोसों दूर रह गई। इस अवधि में मात्र 5 किसानों से 23.7 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा जा सका।
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सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद के लिए जब पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हुई तो किसानों ने अपना पंजीकरण कराना शुरू कर दिया। जिले में 481 किसानों ने अपना पंजीकरण भी कराया, लेकिन जब फसल बेचने की बारी आई तो बाजार में सरकारी खरीद के लिए निर्धारित किए गए 2015 रुपये क्विंटल से अधिक कीमत मिलती देख किसान सरकारी केंद्रों पर जाने से कतराने लगे। मात्र 142 किसानों ने ही अपना गेहूं सरकारी केंद्रों पर बेचा।
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गेहूं की खरीद को बढ़ाने के लिए शासन के निर्देश के बाद सभी केंद्रों को मोबाइल केंद्र में बदल दिया गया। इसके बाद केंद्र प्रभारियों में गांव-गांव जाकर गेहूं की खरीद करने के प्रयास शुरू कर दिए, लेकिन इस व्यवस्था का कोई लाभ विभाग को नहीं मिल सका।

शासन की मंशा किसान को उपज का पूरा भाव दिलाना है। इस साल सरकारी खरीद से बाजार का भाव अधिक होने की वजह से किसानों ने बाजार में गेहूं बेचने को प्राथमिकता दी। - विजय कुमार शुक्ला, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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