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आनलाइन पेमेंट से लगी किसानों लॉटरी, आगरा में गेहूं की बंपर खरीद
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 16 Jun 2017 09:30 PM IST
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Online Banking
आगरा में आनलाइन भुगतान से इस बार किसानों की बल्ले-बल्ले हो गई। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं तुलने के तीसरे दिन किसानों के खाते में रुपया पहुंच गया। मतलब, बिचौलियों की दाल नहीं गली और नतीजा रहा कि 8450 किसानों ने आढ़तियों के बजाए गेहूं बेचने के लिए सरकारी केंद्रों को तरजीह दी। इनके खाते में गेहूं खरीद के मुताबिक 4588.22 लाख रुपये जमा कराए गए।
अंदाजा इसी से कि बीते साल महज 1422 मीट्रिक टन गेहूं ही सरकारी केंद्रों पर खरीदा जा सका और महज 498 किसान लाभांवित हुए। इस बार लगभग 20 गुना वृद्धि हुई। 15 जून तक 8450 किसानों से 28,072 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।
जिला विपणन अधिकारी राजेश्वर प्रताप सिंह का कहना है कि इस बार केंद्र पर खराब फसल बताकर किसानों को लौटाया भी नहीं गया, इसका निर्णय पांच सदस्यीय टीम ने किया, जिसमें दो किसान भी शामिल थे।
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जनपद में गेहूं खरीद के लिए 44 केंद्र बनाए गए थे। मौके पर ही किसान का बैंक खाता संख्या, आधार कार्ड संख्या, खरीदी गई फसल का वजन, कुल कीमत जैसा विवरण तैयार कर आनलाइन कर दिया जाता था। तीन दिन के अंदर किसान के खाते में रुपया शासन की ओर से जमा करा दिया जाता था।
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अंदाजा इसी से कि बीते साल महज 1422 मीट्रिक टन गेहूं ही सरकारी केंद्रों पर खरीदा जा सका और महज 498 किसान लाभांवित हुए। इस बार लगभग 20 गुना वृद्धि हुई। 15 जून तक 8450 किसानों से 28,072 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।
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जिला विपणन अधिकारी राजेश्वर प्रताप सिंह का कहना है कि इस बार केंद्र पर खराब फसल बताकर किसानों को लौटाया भी नहीं गया, इसका निर्णय पांच सदस्यीय टीम ने किया, जिसमें दो किसान भी शामिल थे।
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जनपद में गेहूं खरीद के लिए 44 केंद्र बनाए गए थे। मौके पर ही किसान का बैंक खाता संख्या, आधार कार्ड संख्या, खरीदी गई फसल का वजन, कुल कीमत जैसा विवरण तैयार कर आनलाइन कर दिया जाता था। तीन दिन के अंदर किसान के खाते में रुपया शासन की ओर से जमा करा दिया जाता था।