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UP: क्या है डिजिटल रैगिंग, जिसे लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज सतर्क; BHU के छात्रों ने झेला दर्द

Sat, 28 Jun 2025 09:33 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 28 Jun 2025 09:33 AM IST
सार

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में एमबीबीएस के छात्रों के साथ डिजिटल रैगिंग का मामला सामने आने के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा है कि किसी भी छात्र के साथ रैगिंग का मामला आने पर यूजीसी के नियमानुसार सख्ती से निपटा जाए।
 

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What is digital ragging about which SN Medical College is alert BHU students suffered
एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा - फोटो : संवाद

विस्तार

बीएचयू में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों की डिजिटल रैगिंग की। जिसमें छात्रों के कपड़े तक उतरवाए गए। पीड़ित छात्रों ने इसकी शिकायत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी से) की। प्रकरण में जांच के बाद 28 छात्रों को दोषी पाया गया। बीएचयू की घटना के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कॉलेज में रैगिंग की रोकथाम के लिए यूजीसी के नियमानुसार पहले से ही एंटी रैगिंग सेल कार्य कर रही है। 
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हर साल जो नए छात्र-छात्राएं आते हैं, उनकी रैगिंग न हो इसके लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। टीम को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कॉलेज में किसी भी जूनियर छात्र के साथ ऐसी कोई भी घटना नहीं होने दी जाए। एसएन मेें एंटी रैगिंग टीम में 16 सदस्य हैं। जो सभी विभागों में सीनियर और जूनियर छात्रों की हर गतिविधि पर नजर रखती है। इसके अलावा कॉलेज में कई जगह छात्रों को जागरूक करने के लिए पोस्टर भी चस्पा किए हैं। प्रत्यक्ष या डिजिटल किसी भी तरीके से रैगिंग का मामला सामने आता है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 
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नहीं बख्शे जाएंगे रैगिंग लेने वाले
एंटी रैगिंग टीम की सदस्य सचिव डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने बताया कि नए छात्रों को सेमिनार के विषय में जागरूक किया जाता है। एंटी रैगिंग टीम के पूर्व चैयरमेन डाॅ. एसके कठेरिया विस्तृत जानकारी देते हैं। इसके अलावा अगर कोई छात्र रैगिंग में संलिप्त पाया जाता है तो उसे निलंबित किया जाता है।
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