{"_id":"61d6863080ac5226b80e9914","slug":"weather-change-children-pneumonia-incresed-know-doctor-health-advice","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्द मौसम ने बढ़ाई बच्चों की मुसीबत: बुखार-खांसी और निमोनिया से बच्चों की चल रही पसली, ऐसे करें स्वास्थ्य की देखभाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्द मौसम ने बढ़ाई बच्चों की मुसीबत: बुखार-खांसी और निमोनिया से बच्चों की चल रही पसली, ऐसे करें स्वास्थ्य की देखभाल
Thu, 06 Jan 2022 11:33 AM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 06 Jan 2022 11:33 AM IST
सार
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे, इसलिए जन्म के तुरंत बाद बच्चे को मां का पहला गाढ़ा दूध जिसे कोलेस्ट्रम कहते हैं जरूर पिलाना चाहिए।
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बच्चे को देखते चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सर्द मौसम ने बच्चों की मुसीबत बढ़ा दी। एसएन मेडिकल कॉलेज और निजी चिकित्सकों के यहां पर जुकाम-खांसी, बुखार और निमोनिया के दोगुना मरीज आ रहे हैं। इसमें बच्चों की पसली भी चल रही है। इनमें से हालत खराब होने पर रोजाना 5 से 8 बच्चों को भर्ती करने पड़ रहे हैं।
एसएन के बाल रोग विभाग के डॉ. नीरज यादव ने बताया कि ओपीडी में 90 से130 मरीज रोज आ रहे हैं। इनमें से 70 से 100 बच्चों को बुखार, खांसी, जुकाम, सिर में दर्द, उल्टी, निमोनिया की परेशानी मिल रही है। 10 से 15 बच्चों में खांसी की दिक्कत भी मिली। निमोनिया के एक साल तक के बच्चों की संख्या अधिक है। इनमें से पसली चलने, लंबी-लंबी सांस भी ले रहा है। इस पर इनमें से रोजाना पांच से आठ बच्चों को भर्ती कर रहे हैं। दवाएं देने के साथ परिजनों को बच्चों की विशेष देखभाल के लिए भी सीख दे रहे हैं।
उल्टी-पेट में दर्द के बाद आ रहा बुखार: डॉ. निखिल चतुर्वेदी
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी ने बताया कि बीते पांच-सात दिन से ओपीडी में बच्चों की संख्या दो गुना से अधिक हो गई है। 70-80 फीसदी बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम, निमोनिया की परेशानी है। परिजनों से पता चला कि उल्टी हुई और पेट दर्द होने के बाद तेज बुखार आ गया। खांसी भी तेज आ रही है। इनको दवा देने के साथ भाप भी दिलवा रहे हैं।
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अभिभावक यह बरतें सावधानी
- सुबह-शाम सर्दी अधिक होती है, तो इस दौरान बच्चों को बाहर न खेलने दें।
- बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें, खासतौर से कानों को ढकें।
- शाम को बच्चों को गर्म पानी की भाप भी दे सकते हैं।
- गुनगुने पानी ही पिलाएं, पौष्टिक भोजन खिलाएं।
- ड्राई फ्रूट्स खिलाएं, शाम को दूध भी पिलाएं।
- बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण जैन के अनुसार
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एसएन के बाल रोग विभाग के डॉ. नीरज यादव ने बताया कि ओपीडी में 90 से130 मरीज रोज आ रहे हैं। इनमें से 70 से 100 बच्चों को बुखार, खांसी, जुकाम, सिर में दर्द, उल्टी, निमोनिया की परेशानी मिल रही है। 10 से 15 बच्चों में खांसी की दिक्कत भी मिली। निमोनिया के एक साल तक के बच्चों की संख्या अधिक है। इनमें से पसली चलने, लंबी-लंबी सांस भी ले रहा है। इस पर इनमें से रोजाना पांच से आठ बच्चों को भर्ती कर रहे हैं। दवाएं देने के साथ परिजनों को बच्चों की विशेष देखभाल के लिए भी सीख दे रहे हैं।
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उल्टी-पेट में दर्द के बाद आ रहा बुखार: डॉ. निखिल चतुर्वेदी
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी ने बताया कि बीते पांच-सात दिन से ओपीडी में बच्चों की संख्या दो गुना से अधिक हो गई है। 70-80 फीसदी बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम, निमोनिया की परेशानी है। परिजनों से पता चला कि उल्टी हुई और पेट दर्द होने के बाद तेज बुखार आ गया। खांसी भी तेज आ रही है। इनको दवा देने के साथ भाप भी दिलवा रहे हैं।
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अभिभावक यह बरतें सावधानी
- सुबह-शाम सर्दी अधिक होती है, तो इस दौरान बच्चों को बाहर न खेलने दें।
- बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें, खासतौर से कानों को ढकें।
- शाम को बच्चों को गर्म पानी की भाप भी दे सकते हैं।
- गुनगुने पानी ही पिलाएं, पौष्टिक भोजन खिलाएं।
- ड्राई फ्रूट्स खिलाएं, शाम को दूध भी पिलाएं।
- बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण जैन के अनुसार
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