नाली में बह रहा गंगाजलः लाइन टूटने से आपूर्ति ठप, बूंद-बूंद को तरसे पांच हजार लोग, नहीं मिल रहा पीने का पानी
आगरा में पाइप लाइन लीक होने से पीने की पानी की समस्या बनी हुई है। दो दिन से पांच हजार की आबादी पीने के पानी के लिए जूझ रही है। लोगों ने कहा कि शिकायत के बाद भी विभाग कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।
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उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नगला परसोती क्षेत्र में पाइपलाइन लीक होने के कारण दो दिन से मधुनगर, आंबेडकर पार्क और नगला परसोती में पानी की आपूर्ति ठप है। वहीं, लोगों की प्यास बुझाने की जगह बहुमूल्य गंगाजल नालियों में बह रहा है। यहां के करीब पांच हजार लोग पानी के लिए परेशान हैं। लोगों का कहना है कि जलकल विभाग के कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई है।
कम घरों में ही हो सकी गंगाजल आपूर्ति
आगरा में गंगाजल आए पांच साल हो गए। फिर भी अभी तक सभी 2 लाख से अधिक घरों में गंगाजल आपूर्ति नहीं हो सकी। जहां सप्लाई शुरू हुई वहां जर्जर लाइनों में लीकेज की समस्या आ रही है। नगला परसोती के गली नंबर-2 में दो दिन से सड़क पर जलभराव हो रहा है। क्षेत्रीय निवासी सुनील कुमार ने बताया कि जीवनीमंडी स्थित जलकल मुख्यालय पर शिकायत दर्ज कराई है। लाइन की मरम्मत के लिए कोई नहीं आया। सुबह-शाम लीक लाइन से गंगाजल सड़क व नालियों में बह रहा है।
यही हाल, शिव मंदिर गली सेवला जाट का है। यहां भी गंगाजल के लिए बिछाई गई लाइनें लीक होने से सोमवार को लोग पानी को तरसते रहे। स्थानीय निवासी प्रिंस वर्मा ने बताया कि गर्मी में पानी की खपत बढ़ते लाइन लीक होना शुरू हो गया है। उधर, दूसरी तरफ अर्जुन नगर, रुई की मंडी, बारहखंभा, केदार नगर क्षेत्र में पानी का कमजोर प्रेशर के कारण पानी सप्लाई प्रभावित है।
जलकर वसूली के लिए पहुंच रहे फोन
जलकर व जलमूल्य की वसूली के लिए शहर में 20 हजार से अधिक बकाएदारों को जलकल विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के बावजूद बकाया नहीं चुकाने वाले उपभोक्ताओं को अब मुख्यालय से फोन पहुंच रहे हैं। उनके विरुद्ध वसूली प्रमाण पत्र जारी करने की चेतावनी दी जा रही है। कई उपभोक्ताओं का पता बदल गया है। इस कारण जिन लोगों के घर नोटिस पहुंच रहे हैं, वह शिकायत दर्ज कराने जलकल विभाग आ रहे हैं। सोमवार को तीन उपभोक्ताओं ने गलत नोटिस की शिकायत दर्ज कराई है।
टीम भेजकर जांच कराएंगे
नगला परसोती क्षेत्र ताजगंज जोन में आता है। मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। लीकेज की मरम्मत कराएंगे। -वीबी सिंह, सचिव प्रबंधक, जलकल विभाग