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नगला पांडेय में पेयजल परियोजना से दूर होगी पानी की किल्लत
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राजकुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। विकास खंड बेवर के गांव नगला पांडेय में पेयजल परियोजना से पानी की किल्लत दूर हो जाएगी। शासन की स्वीकृति के बाद जल निगम ने काम शुरू कर दिया है। दिसंबर तक ये काम पूरा होने के बाद परियोजना शुरू हो जाएगी।
जल जीवन मिशन के तहत शासन ने जल निगम से पेयजल परियोजनाओं के प्रस्ताव मांगे थे। इसमें अधिशासी अभियंता जल निगम ने गोद लिए गए गांव नगला पांडेय में पेयजल प्रस्ताव बनाकर भेजा था। शासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ ही धनराशि भी जारी कर दी है। गांव में 75.24 लाख की लागत से कार्य कराया जाएगा। इसमें 50 हजार लीटर क्षमता का अवर जलाशय बनाने के साथ ही करीब साढ़े तीन किलोमीटर पाइपलाइन डाली जाएगी। इससे गांव के सभी घरों में कनेक्शन दिए जाएंगे। पहले चरण में जल निगम ने पानी की टेस्टिंग के बाद नलकूप लगाने का काम शुरू कर दिया है। दिसंबर 2020 तक पेयजल परियोजना का निर्माण पूर्ण होने के बाद इसे पंचायत के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
खर्च घटने के साथ पानी की भी होगी बचत
गांव में पेयजल परियोजना शुरू होने के बाद लोगों का खर्च कम हो जाएगा तो वहीं पानी की बचत होगी। अभी पानी के लिए हर व्यक्ति को बोरिंग से लेकर सबमर्सिबल तक करीब एक लाख रुपये तक का खर्च करना पड़ता है। वहीं पेयजल परियोजना में समय से पानी की आपूर्ति होने के चलते लोग पानी को बचाकर रखते हैं। इससे पानी की बर्बादी भी रुकती है।
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शासन की स्वीकृति के बाद जल जीवन मिशन के तहत नगला पांडेय में पेयजल परियोजना का काम शुरू हो गया है। नलकूप लगाने का काम लगभग पूर्ण हो चुका है। जल्द ही आगे कार्य कराया जाएगा।
राजकुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम।
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जल जीवन मिशन के तहत शासन ने जल निगम से पेयजल परियोजनाओं के प्रस्ताव मांगे थे। इसमें अधिशासी अभियंता जल निगम ने गोद लिए गए गांव नगला पांडेय में पेयजल प्रस्ताव बनाकर भेजा था। शासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ ही धनराशि भी जारी कर दी है। गांव में 75.24 लाख की लागत से कार्य कराया जाएगा। इसमें 50 हजार लीटर क्षमता का अवर जलाशय बनाने के साथ ही करीब साढ़े तीन किलोमीटर पाइपलाइन डाली जाएगी। इससे गांव के सभी घरों में कनेक्शन दिए जाएंगे। पहले चरण में जल निगम ने पानी की टेस्टिंग के बाद नलकूप लगाने का काम शुरू कर दिया है। दिसंबर 2020 तक पेयजल परियोजना का निर्माण पूर्ण होने के बाद इसे पंचायत के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
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खर्च घटने के साथ पानी की भी होगी बचत
गांव में पेयजल परियोजना शुरू होने के बाद लोगों का खर्च कम हो जाएगा तो वहीं पानी की बचत होगी। अभी पानी के लिए हर व्यक्ति को बोरिंग से लेकर सबमर्सिबल तक करीब एक लाख रुपये तक का खर्च करना पड़ता है। वहीं पेयजल परियोजना में समय से पानी की आपूर्ति होने के चलते लोग पानी को बचाकर रखते हैं। इससे पानी की बर्बादी भी रुकती है।
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शासन की स्वीकृति के बाद जल जीवन मिशन के तहत नगला पांडेय में पेयजल परियोजना का काम शुरू हो गया है। नलकूप लगाने का काम लगभग पूर्ण हो चुका है। जल्द ही आगे कार्य कराया जाएगा।
राजकुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम।