{"_id":"5d1773258ebc3e3cc560c993","slug":"water-plant-sealed-in-mathura","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मथुरा में पानी के 'काले कारोबार' का पर्दाफाश, एक फैक्टरी सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा में पानी के 'काले कारोबार' का पर्दाफाश, एक फैक्टरी सील
Sun, 30 Jun 2019 12:49 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 30 Jun 2019 12:49 AM IST
विज्ञापन
पानी के पाउचों की जांच करती टीम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा में पानी के काले कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। कृष्णाकुंज में एक फैक्टरी में पानी की ब्रांडेड कंपनियों के नाम से पानी के पाउच तैयार करके सप्लाई किए जा रहे थे। इस फैक्टरी से महानगर के साथ ही आसपास के इलाकों में पानी की सप्लाई की जा रही थी। पानी की गुणवत्ता चेक करने के लिए सैंपल भी लिए गए हैं जो प्रयोगशाला को भेजे जाएंगे। वहीं प्रशासन की टीम ने फैक्टरी को सील कर दिया है।
मथुरा में गर्मी के मौसम के दौरान पानी का बड़ा कारोबार होता है। इसमें वैध ही नहीं, अवैध रूप से भी अनेक प्लांट शुद्ध पानी के नाम पर पाउच सहित पैक्ड बोतलों की आपूर्ति करते हैं। गोवर्धन के गांव आन्यौर में संभावित दूषित जलापूर्ति से 300 से अधिक के बीमार होने के बाद खाद्य विभाग की टीम ने शनिवार को महानगर क्षेत्र में छापा मारा।
इस दौरान कृष्णाकुंज में अवैध रूप से संचालित प्लांट पकड़ा गया है, जहां ब्रांडेड कंपनियों के नाम से पानी के पाउच तैयार हो रहे थे। टीम ने मौके से चिअरप, एक्वाआरएस सहित बिसहिरी नामक कंपनियों के पाउचों तैयार करने वाले रॉल मिले हैं। यहां से पानी के नमूने लेते हुए प्लांट को सील कर दिया गया है। यहां बड़ी मात्रा में पानी के पाउच मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा में गर्मी के मौसम के दौरान पानी का बड़ा कारोबार होता है। इसमें वैध ही नहीं, अवैध रूप से भी अनेक प्लांट शुद्ध पानी के नाम पर पाउच सहित पैक्ड बोतलों की आपूर्ति करते हैं। गोवर्धन के गांव आन्यौर में संभावित दूषित जलापूर्ति से 300 से अधिक के बीमार होने के बाद खाद्य विभाग की टीम ने शनिवार को महानगर क्षेत्र में छापा मारा।
विज्ञापन
इस दौरान कृष्णाकुंज में अवैध रूप से संचालित प्लांट पकड़ा गया है, जहां ब्रांडेड कंपनियों के नाम से पानी के पाउच तैयार हो रहे थे। टीम ने मौके से चिअरप, एक्वाआरएस सहित बिसहिरी नामक कंपनियों के पाउचों तैयार करने वाले रॉल मिले हैं। यहां से पानी के नमूने लेते हुए प्लांट को सील कर दिया गया है। यहां बड़ी मात्रा में पानी के पाउच मिले हैं।
विज्ञापन
इस प्लांट को आवेश जैन द्वारा संचालित किया जा रहा था। इसके बाद टीम ने जयगुरुदेव मंदिर क्षेत्र में एक्वानील और आरएस पानी के प्लांट से भी नमूने लिए हैं। उक्त नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। जिला अभिहित अधिकारी चंदन पांडेय ने बताया कि पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। मौके से भारी मात्रा में पाउच बंद पानी बेचने वाली कई कंपनियों के रेपर मौके से मिले हैं। कार्रवाई आगे जारी है।
मथुरा में 1000 वाटर प्लांट अवैध
जिले में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा पंजीकृत पानी के प्लांट 17 हैं। करीब एक हजार से अधिक प्लांट अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। यह जानकर हैरानी होगी कि पंजीकृत प्लांट प्रतिदिन दो लाख लीटर पानी की आपूर्ति करते हैं, जबकि अवैध रूप से संचालित प्लांटों द्वारा 20 लाख लीटर पानी के पाउच, बोतल तैयार किए जा रहे हैं। अवैध रूप से संचालित हो रही इकाइयों का जाल पूरे जनपद में बिछा हुआ है।
शहर में सबसे अधिक पानी की आपूर्ति अपंजीकृत प्लांटों द्वारा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर की जाती है। इसके अलावा कलक्ट्रेट सहित चौराहा, तिराहों पर भी ऐसे प्लांट में तैयार पानी के पाउच और बोतल आसानी से मिल जाते हैं।
मथुरा में 1000 वाटर प्लांट अवैध
जिले में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा पंजीकृत पानी के प्लांट 17 हैं। करीब एक हजार से अधिक प्लांट अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। यह जानकर हैरानी होगी कि पंजीकृत प्लांट प्रतिदिन दो लाख लीटर पानी की आपूर्ति करते हैं, जबकि अवैध रूप से संचालित प्लांटों द्वारा 20 लाख लीटर पानी के पाउच, बोतल तैयार किए जा रहे हैं। अवैध रूप से संचालित हो रही इकाइयों का जाल पूरे जनपद में बिछा हुआ है।
शहर में सबसे अधिक पानी की आपूर्ति अपंजीकृत प्लांटों द्वारा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर की जाती है। इसके अलावा कलक्ट्रेट सहित चौराहा, तिराहों पर भी ऐसे प्लांट में तैयार पानी के पाउच और बोतल आसानी से मिल जाते हैं।