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आगरा: तालाब पर बन गए मकान...गलियों में भरा तीन फीट तक पानी, नहीं हो रही सुनवाई
Tue, 27 Oct 2020 01:16 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 27 Oct 2020 01:16 PM IST
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तालाब पर कब्जा, गली में पानी
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में तालाबों पर अतिक्रमण व अवैध निर्माणों का खामियाजा इटौरा गांव में 12 हजार लोग भुगत रहे हैं। एक तालाब को घूरा डाल कर पाट दिया जबकि दूसरे पर 17 से अधिक मकान और प्लॉट बना दिए। अब तालाब के उफान से गलियों व सड़कों पर नाला बह रहा है। रास्ते में तीन फुट जलभराव है।
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लोगों ने बताया कि पहले पूरे गांव का पानी तालाब में जाता था। तालाब पर कब्जे हो गए तो पानी गलियों व सड़कों पर नाले की तरह बह रहा है। क्षेत्रीय निवासी गौरव सिंह ने बताया इटौरा-जारुआ कटरा के मुख्य रास्ते पर तीन फुट जलभराव से अन्य गांव का संपर्क कट गया है।
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ग्राम प्रधान रामरती देवी ने बताया तालाब के सीमांकन के लिए दो बार डीएम व तीन बार एसडीएम को पत्र लिखा है। पिछले साल एसडीएम आई थीं, लेकिन समस्या दूर नहीं हो सकी। तालाब पर कब्जों के कारण केचमेंट का पानी रास्तों में भर जाता है। करीब 12 हजार लोग परेशान हैं।
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एक साल में हुए कब्जे
ग्राम प्रधान रामरती देवी ने कहा कि तालाब पर एक साल में अतिक्रमण हुए हैं। पहले पानी तालाब में भरता था जो अब सड़कों पर जमा होता है। तालाब से अवैध कब्जे व अतिक्रमण हट जाएं तो समस्या दूर हो सकती है।
नगला बैरीसाल में नरक
जिला पंचायत सदस्य महेश कुमार ने कहा कि इटौरा में तालाब उफनने से बराबर में मौजा नगला बैरीसाल में नारकीय हालात हैं। प्रशासन तालाबों पर अतिक्रमण नहीं हटाता। लेखपाल और तहसीलदार भी लापरवाह हैं। डीएम से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
टीम भेज कर होगी जांच
सदर तहसील के एसडीएम एन अरुन्मौली ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है। राजस्व निरीक्षक, लेखपाल व बीडीओ की टीम भेज कर जांच कराई जाएगी। अवैध निर्माण करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
ग्राम प्रधान रामरती देवी ने कहा कि तालाब पर एक साल में अतिक्रमण हुए हैं। पहले पानी तालाब में भरता था जो अब सड़कों पर जमा होता है। तालाब से अवैध कब्जे व अतिक्रमण हट जाएं तो समस्या दूर हो सकती है।
नगला बैरीसाल में नरक
जिला पंचायत सदस्य महेश कुमार ने कहा कि इटौरा में तालाब उफनने से बराबर में मौजा नगला बैरीसाल में नारकीय हालात हैं। प्रशासन तालाबों पर अतिक्रमण नहीं हटाता। लेखपाल और तहसीलदार भी लापरवाह हैं। डीएम से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
टीम भेज कर होगी जांच
सदर तहसील के एसडीएम एन अरुन्मौली ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है। राजस्व निरीक्षक, लेखपाल व बीडीओ की टीम भेज कर जांच कराई जाएगी। अवैध निर्माण करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
एक पर डाली मिट्टी दूसरे पर बनाए मकान
ग्वालियर रोड पर इटौरा गांव में चार तालाब हैं। ये 400 से 500 वर्ग मीटर के हैं। गांव की नालियों से पानी इनमें जाता है। खसरा संख्या 687 में 500 वर्ग मीटर का तालाब घूरा व मिट्टी डाल कर दबंगों ने पाट दिया। इससे 100 मीटर दूर छह बीघा पशुहाट की भूमि पर डेढ़ बीघा का तालाब बना है। तालाब के चारों तरफ किनारों पर 17 से अधिक अवैध मकान व प्लॉट बनने से तालाब का रकबा घट गया।
ग्वालियर रोड पर इटौरा गांव में चार तालाब हैं। ये 400 से 500 वर्ग मीटर के हैं। गांव की नालियों से पानी इनमें जाता है। खसरा संख्या 687 में 500 वर्ग मीटर का तालाब घूरा व मिट्टी डाल कर दबंगों ने पाट दिया। इससे 100 मीटर दूर छह बीघा पशुहाट की भूमि पर डेढ़ बीघा का तालाब बना है। तालाब के चारों तरफ किनारों पर 17 से अधिक अवैध मकान व प्लॉट बनने से तालाब का रकबा घट गया।