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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   water discharged From Gokul barrage in Yamuna 777 cusecs As against 850 cusecs on Ganga Dussehra

Ganga Dussehra 2022: गंगा दशहरा पर भी प्यासी रही यमुना, गोकुल बैराज से नहीं छोड़ा गया अतिरिक्त पानी

Fri, 10 Jun 2022 01:05 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 10 Jun 2022 01:05 PM IST
सार

गंगा दशहरा के पर्व पर भी यमुना में जल की कमी दिखी। इस दिन गोकुल बैराज से 850 के सापेक्ष 777 क्यूसेक ही पानी आया।  ताजमहल के पार्श्व में और हाथी घाट पर यमुना नदी सूखी पड़ी रही।
 

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water discharged From Gokul barrage in Yamuna 777 cusecs As against 850 cusecs on Ganga Dussehra
यमुना में छोड़ा गया बेहद कम पानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में गंगा दशहरा पर भी यमुना प्यासी रही। नदी में अतिरिक्त पानी नहीं छोड़ा गया। गोकुल बैराज से आगरा के लिए 850 क्यूसेक के सापेक्ष 777 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। ताजमहल के पार्श्व में और हाथी घाट पर यमुना नदी सूखी पड़ी रही। जहां नदी गहरी थी, वहीं पानी दिखाई दिया। इन्हीं जगहों पर श्रद्धालुओं ने गंगा दशहरा पर डुबकी लगाई। 

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पिछले चार महीने से यमुना नदी सूखी पड़ी है। जलस्तर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को गोकुल बैराज से आगरा के लिए यमुना में 777 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि 850 क्यूसेक पानी का आवंटन है। ओखला बैराज से 354 क्यूसेक और हरनाल एस्केप से 150 क्यूसेक गंगाजल प्रवाहित हो रहा है। बल्देव रजबहा से जलप्रवाह शून्य है। ये पानी यमुना के लिए ऊंट के मुंह में जीरा हैं। 

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इतनी है नदी की क्षमता 

नदी की क्षमता एक लाख क्यूसेक से अधिक है। पोइया घाट से हाथी घाट तक यमुना का फांट 250 से 400 मीटर तक चौड़ा है। नदी में गिरने वाले नालों के कारण नदी दूषित हो रही है। पर्याप्त पानी नहीं होने से यमुना की तलहटी रेत के मैदान में तब्दील हो गई है। यमुना में पानी नहीं होने से यमुना भक्तों की भावनाएं भी आहत हैं।

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करेंगे रेत से स्नान

रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक ब्रज खंडेलवाल ने बताया कि यमुना में पानी नहीं होने से यमुना भक्तों में नाराजगी है। विरोध में शुक्रवार को गंगा दशहरा पर रेत स्नान होगा। एत्माउद्दौला व्यू प्वाइंट पर रेत से यमुना भक्त स्नान कर शासन व प्रशासन को उनके वादे याद दिलाएंगे। यमुना में पानी छोड़ने की मांग करेंगे।


यमुना भक्तों की पीड़ा...

दम तोड़ रही नदी

मथुराधीश मंदिर के महंत जुगल श्रोतिया ने बताया कि जो नदी पूरे शहर की प्यास बुझाती थी, वह खुद आज प्यासी है। जीवनदायिनी नदी दम तोड़ रही है। इसके विरोध में यमुना सत्याग्रह किया जाएगा। यमुना का पुराना गौरव लौटाने के लिए आंदोलन करेंगे।

प्रशासन करे उपाय

सपा पार्षद दल के नेता राहुल चौधरी ने बताया कि शासन और प्रशासन की लापरवाही से यमुना की यह दुर्दशा हुई है। पांच साल में सरकार ने कुछ नहीं किया। यमुना में पानी की जगह कीचड़ व गंदगी बहती है। स्नान तो दूर पानी आचमन लायक नहीं रह गया है।

नेताओं से नहीं उम्मीद

यमुना भक्त गोविंद खुराना ने बताया कि आगरा में सत्तारूढ़ दल के तीन मंत्री, एक केंद्रीय मंत्री, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित 30 से अधिक जनप्रतिनिधि हैं, परंतु यमुना के प्रति बिल्कुल संवेदनशील नहीं हैं। नेताओं से अब कोई उम्मीद नहीं रही।

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