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Agra News: महानवमी पर पानी की मारामारी, लोग बूंद-बूंद को तरसे

Tue, 20 Oct 2026 02:33 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 02:33 AM IST
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Water crisis on Mahanavami; people left desperate for every single drop
पालड़ा से गंगाजल कम मिलने के कारण घरों को भेजे गए टैंकर से पानी भरते लोग - फोटो : samvad
आगरा। चार दिनों से शहर में पानी का संकट है। ऊपरी गंगा नहर से 21 तारीख की जगह 16 अक्तूबर से ही गंगाजल की आपूर्ति रोक देने से नवरात्र में मारामारी मची रही। महानवमी पर लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते रहे। जीवनीमंडी से आधा और सिकंदरा वाटरवर्क्स से एक तिहाई पानी ही सप्लाई हो सका।
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सोमवार को 68 टैंकरों के जरिये पानी पहुंचाने का प्रयास किया गया लेकिन पुराने शहर की संकरी गलियों में लोगों के घरों को पानी नहीं मिल पाया। 55 वार्डों में ज्यादा परेशानी रही। 12 लाख से अधिक लोगों की पानी की परेशानी बुधवार से खत्म होने का दावा है।
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बुलंदशहर के पालड़ा झाल से आगरा और मथुरा को 150 क्यूसेक पानी पाइपलाइन के जरिये मिलता है। इसमें आगरा को 140 क्यूसेक पानी प्रतिदिन की आपूर्ति होती है लेकिन 16 अक्तूबर को ऊपरी गंगा नहर से गंगाजल की आपूर्ति रोक दी गई। सालाना सफाई के कारण 21 अक्तूबर से 8 नवंबर तक के लिए नहर को बंद किया जाना है।
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जलनिगम के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता (गंगा) को पत्र लिखकर मध्य गंगा नहर शुरू कराने को कहा ताकि पालड़ा को आगरा और अलीगढ़ के कासिमपुर प्लांट के लिए पानी की आपूर्ति होती रहे।
बिजनौर से मध्य गंगा नहर में रेगुलेटर के जरिये पानी छोड़ा गया है जो पालड़ा तक सोमवार रात में पहुंच गया। एक दिन का समय पालड़ा से आगरा आने में लगेगा। ऐसे में बुधवार से गंगाजल की कमी दूर होने का दावा जलकल अधिकारी कर रहे हैं।
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आधी क्षमता पर चल रहा सिकंदरा प्लांट
सिकंदरा वाटरवर्क्स में 144 एमएलडी का एमबीबीआर प्लांट है जो इस्राइली तकनीक से यमुना जल का शोधन करता है। दूसरा प्लांट 144 एमएलडी क्षमता का गंगाजल का है। गंगाजल में कमी के कारण यमुना जल का एमबीबीआर प्लांट पूरी क्षमता से चलाया जाना था लेकिन यह आधी क्षमता पर ही चल सका। इससे केवल 72 एमएलडी पानी ही शोधित हो पा रहा है। इस तरह सिकंदरा से एक तिहाई पानी ही शहर को मिल पाया। प्रेशर न होने के कारण जोनल पंपिंग स्टेशनों के जलाशय और टंकियां देरी से भर पा रही हैं।

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लोगों की परेशानी
चार दिनों से पानी के लिए क्षेत्र के लोग परेशान हैं। सिकंदरा प्लांट पूरी क्षमता से चलाते और जीवनी मंडी में यमुना जल शोधित कर भेजते तो लोगों को यह परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। मंजू प्रजापति, पार्षद, राजामंडी
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जीवनीमंडी में यमुना जल का शोधन होता था लेकिन पांच साल से जब से गंगाजल आया, तब से इसे बंद कर दिया गया। विकल्प के तौर पर इसे अपनाया जाए। लोगों की जरूरत का पानी तो मिलता रहेगा। - रवि माथुर, पार्षद, पीपलमंडी

- यमुनापार में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। सभी त्योहारों पर यही हाल होता है। जानबूझकर त्योहारों पर जलापूर्ति रोक दी जाती है। पूरे नवरात्र पानी के लिए दौड़ते रहे हैं। - ब्रजेश त्यागी, महावीर नगर

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- पालड़ा से गंगाजल की आपूर्ति अनियमित है। मध्य गंगा नहर से पालड़ा को पानी की आपूर्ति शुरू हुई है। इसका असर बुधवार से नजर आएगा। सिकंदरा में एमबीबीआर प्लांट की क्षमता 144 एमएलडी है। यह 72 एमएलडी तक ही शोधन कर रहा है। लोगों को टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। - कुमार गौरव, महाप्रबंधक, जलकल
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