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सड़ी-गली सब्जी और कचरे को बनाया जा रहा 'सोना', ऐसे हो रही लाखों की कमाई
Mon, 25 Feb 2019 02:06 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 25 Feb 2019 02:06 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
आगरा नगर निगम शहर में जनरेट होने वाले कूड़े का निस्तारण ही नहीं कर रहा बल्कि कचरे से कमाई भी कर रहा है। गेल इंडिया के सीएसआर फंड से मिली धनराशि से नगर निगम ने लोहामंडी के राजनगर में आर्गेनिक वेस्ट कंपोस्ट प्लांट लगाया है। यहां सड़ी गली सब्जियों और फलों और फूलों से खाद बनाई जा रही है।
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव राठी ने बताया कि गेल इंडिया ने शहर की सफाई के लिए अपने सीएसआर फंड से निगम को धन मुहैया कराया था। इस राशि से राज नगर में एक-एक टन की दो यूनिट लगी हैं। यहां सड़ीगली सब्जी, फल आदि से खाद बनाई जा रही है।
इसी परिसर में दो टन की फूलों से खाद बनाने की यूनिट लगाई गई है। प्लांट के सुपरवाइजर असीम पाल ने बताया कि कंपोस्ट बनने के बाद उसे बोरियों और छोटी थैलियों में पैक किया जाता है। उन्होंने बताया कि आम नागरिक भी यहां से खाद खरीद सकता है।
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नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव राठी ने बताया कि गेल इंडिया ने शहर की सफाई के लिए अपने सीएसआर फंड से निगम को धन मुहैया कराया था। इस राशि से राज नगर में एक-एक टन की दो यूनिट लगी हैं। यहां सड़ीगली सब्जी, फल आदि से खाद बनाई जा रही है।
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इसी परिसर में दो टन की फूलों से खाद बनाने की यूनिट लगाई गई है। प्लांट के सुपरवाइजर असीम पाल ने बताया कि कंपोस्ट बनने के बाद उसे बोरियों और छोटी थैलियों में पैक किया जाता है। उन्होंने बताया कि आम नागरिक भी यहां से खाद खरीद सकता है।
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नगर निगम के मुख्य अभियंता (विद्युत) संजय कटियार ने बताया कि प्लांट के लिए सड़ेगले फल और सब्जी आदि शहर की मंडियों, बरात घरों से आती है। कचरे में मिलने वाले गीले कूड़े को भी यहां लाया जाता है। पहले इस कचरे को साफ किया जाता है और उसके केमिकल ट्रीटमेंट देकर प्लांट में कंपोस्ट बनाया जाता है।
नहीं मिल पा रहे हैं पर्याप्त फूल
फूल भी बरात घरों से, मंदिरों से लाए जाते हैं। लेकिन पर्याप्त फूल नहीं मिल पाते हैं। इसकी वजह से प्लांट की पूरी क्षमता का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। फूलों की आमद बढ़ाने की लिए नगर निगम अब शहर के बाहर से भी फूल लाएगा।
नहीं मिल पा रहे हैं पर्याप्त फूल
फूल भी बरात घरों से, मंदिरों से लाए जाते हैं। लेकिन पर्याप्त फूल नहीं मिल पाते हैं। इसकी वजह से प्लांट की पूरी क्षमता का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। फूलों की आमद बढ़ाने की लिए नगर निगम अब शहर के बाहर से भी फूल लाएगा।