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1971 का वो युद्ध: पाक सैनिकों के समर्पण के गवाह रहे कर्नल बख्शी, ऐसे हुआ बांग्लादेश का जन्म
Wed, 14 Aug 2024 07:56 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 14 Aug 2024 07:56 AM IST
सार
1971 के वो युद्ध जब बांग्लादेश का जन्म हुआ, उसके गवाह बने कर्नल बख्शी का अमर उजाला के मंच पर सम्मान हुआ, तो तालियों से हॉल गूंज उठा। उनकी वीरता के किस्से सुन हर कोई गौरवान्वित महसूस कर रहा था।
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कर्नल केजेएस बख्शी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
1971 के युद्ध में पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के निर्माण और 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों के समर्पण के गवाह आगरा के कर्नल केजेएस बख्शी रहे थे। उनकी पलटन ने पूर्वी पाकिस्तान में कार्रवाई की थी और पाकिस्तानी सेना को नदी पारकर भारत आने से रोका था।
- मेजर जनरल प्रताप दयाल- 39 वर्ष तक भारतीय सेना में सेवा की और 1971 में बांग्लादेश निर्माण के युद्ध के योद्धा रहे। 1987-89 के बीच श्रीलंका में भारतीय शांति सेना के सदस्य के रूप में सेवाएं दीं
- कर्नल सीके सिंह- भारतीय सेना की पैराशूट रेजीमेंट में 33 साल तक सेवा दी। 1971 के भारत पाक युद्ध में सीमा पर अग्रिम मोर्चे पर लड़े। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जंग का लंबा अनुभव प्राप्त है।
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- ले. जनरल राजेश कुमार- पंजाब के ऑपरेशन रक्षक, असम के ऑपरेशन राइनो, राजस्थान के ऑपरेशन पराक्रम और जम्मू कश्मीर में ऑपरेशन विजय में हिस्सा लिया।
- कर्नल रणवीर सिंह सोढ़ी- वर्ष 1971 के युद्ध में दुश्मनाें के साथ अग्रिम मोर्चे पर लड़ाई लड़ी। बहादुरी के लिए वीरता पुरस्कार से सम्मानित किए गए। 2500 घंटों की हेलिकॉप्टर उड़ान का लंबा अनुभव है।
- कर्नल राजेंद्र सिंह- वर्ष 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में भाग लिया। पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों के समर्पण के दौरान मौजूद रहे।
- कर्नल जीएम खान- भारतीय सेना में पैराशूट रेजीमेंट में सेवाएं दीं। कारगिल युद्ध के दौरान खास मिशन में शामिल रहे। बांदीपुरा में तैनाती के दौरान दो आतंकियों को मारने पर वर्ष 2011 में वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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- मेजर जनरल प्रताप दयाल- 39 वर्ष तक भारतीय सेना में सेवा की और 1971 में बांग्लादेश निर्माण के युद्ध के योद्धा रहे। 1987-89 के बीच श्रीलंका में भारतीय शांति सेना के सदस्य के रूप में सेवाएं दीं
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- कर्नल सीके सिंह- भारतीय सेना की पैराशूट रेजीमेंट में 33 साल तक सेवा दी। 1971 के भारत पाक युद्ध में सीमा पर अग्रिम मोर्चे पर लड़े। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जंग का लंबा अनुभव प्राप्त है।
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- ले. जनरल राजेश कुमार- पंजाब के ऑपरेशन रक्षक, असम के ऑपरेशन राइनो, राजस्थान के ऑपरेशन पराक्रम और जम्मू कश्मीर में ऑपरेशन विजय में हिस्सा लिया।
- कर्नल रणवीर सिंह सोढ़ी- वर्ष 1971 के युद्ध में दुश्मनाें के साथ अग्रिम मोर्चे पर लड़ाई लड़ी। बहादुरी के लिए वीरता पुरस्कार से सम्मानित किए गए। 2500 घंटों की हेलिकॉप्टर उड़ान का लंबा अनुभव है।
- कर्नल राजेंद्र सिंह- वर्ष 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में भाग लिया। पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों के समर्पण के दौरान मौजूद रहे।
- कर्नल जीएम खान- भारतीय सेना में पैराशूट रेजीमेंट में सेवाएं दीं। कारगिल युद्ध के दौरान खास मिशन में शामिल रहे। बांदीपुरा में तैनाती के दौरान दो आतंकियों को मारने पर वर्ष 2011 में वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।