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UP: युद्ध रुका पर संकट बरकरार, जूतों के कंटेनर अटके, करोड़ों के नुकसान की कगार पर कारोबारी

Sat, 11 Apr 2026 10:19 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 11 Apr 2026 10:19 AM IST
सार

पश्चिम एशिया के हालात के कारण आगरा के जूता कारोबार के 3.52 करोड़ जोड़ी जूते हजारों कंटेनरों में फंसे हुए हैं। लंबे समय तक बंद रहने से इनमें फंगस लगने का खतरा है, जिससे निर्यातकों को भारी नुकसान हो सकता है।

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War Impact: 35 Million Shoes Stuck in Containers, Exporters Fear Massive Loss Due to Fungus
जूता उद्योग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पश्चिम एशिया में युद्ध विराम भले ही हुआ हो, लेकिन जूता कारोबारियों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। युद्ध के कारण समुद्र में जूतों से लदे 2800 और पोर्ट पर 2100 कंटेनर फंसे हुए हैं। इनमें 3.52 करोड़ से अधिक जोड़ी चमड़े के जूते हैं। कंटेनरों की जल्द निकासी नहीं हुई तो इनमें फंगस लगने का खतरा बढ़ जाएगा। इससे यह माल निर्यात के लायक नहीं बचेगा।
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द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया के आगरा से सऊदी अरब, यूएई, इराक, ईरान, कुवैत, बहरीन समेत कई देशों में जूतों का निर्यात होता है। खाड़ी देशों में युद्ध के चलते समुद्र में जूतों से लदे 2800 कंटेनर फंसे हुए हैं। माल से भरे 2100 कंटेनर देश के विभिन्न पोर्ट पर खड़े हैं। एक कंटेनर में 7200 जोड़ी जूते आते हैं। इस तरह से 4900 कंटनेर में 3.5 करोड़ से अधिक जोड़ी जूते हैं।
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उन्होंने बताया कि जूतों को नमी और फंगस से बचाने के लिए रसायनों का उपयोग करते हैं। लंबे समय से ये पैकटों में बंद हैं, ऐसे में इनमें फंगस लगने का खतरा बढ़ गया है। फंगस लगने से जूता की गुणवत्ता प्रभावित होगी और निर्यात योग्य नहीं होगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से खुलने के बाद ही कंटेनर विभिन्न देशों में जा सकेंगे।
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अभी कर रहे इंतजार
जूता निर्यातक आशीष जैन ने बताया कि खाड़ी देशों में सीजफायर से बड़ी राहत मिली है। अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला नहीं है। इससे निर्यात शुरू नहीं हुआ है। जब तक रास्ता पूरी तरह से नहीं खुलेगा, निर्यात शुरू नहीं हो पाएगा। अभी सिर्फ इंतजार कर सकते हैं।

सीजफायर से नए ऑर्डर मिलने की उम्मीद
जूता निर्यातक राजेश खुराना का कहना है कि युद्ध से जूता कारोबार को तगड़ा झटका लगा है, लेकिन सीजफायर से स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। रास्ता पूरी तरह खुलने के बाद निर्यात शुरू हो जाएगा। नए आर्डर मिलेंगे और भुगतान भी हो सकेगा।



 
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