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वृंदावन कुंभ मेला: वैष्णवों के तीन अनी और 18 अखाड़ों के करीब 400 खालसों की होगी मौजूदगी
Thu, 28 Jan 2021 02:25 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 28 Jan 2021 02:25 PM IST
सार
- चतुर्संप्रदाय विरक्त वैष्णवों के तीन अनी और 18 अखाड़ों के साथ करीब 400 खालसों की मौजूदगी वृंदावन कुंभ मेला में नजर आएगी। यह खालसे अपने ठाकुर जी के साथ वृंदावन कुंभ में पहुंचेंगे। यहां मंदिरों में ठाकुरजी की सेवा होगी।
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वृंदावन कुंभ मेला क्षेत्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरिद्वार से पहले वृंदावन में आयोजित होने जा रहे कुंभ मेले का तानाबाना तैयार हो चुका है। साधु-संत भी भगवान श्रीराधाकृष्ण की जन्म और लीला स्थली में यमुना के तट पर लगने वाले कुंभ के लिए तैयारी करने लगे हैं। इस धार्मिक आयोजन में चतुर्सम्प्रदाय विरक्त वैष्णवों के तीन अनी और 18 अखाड़ों के करीब 400 खालसों की मौजूदगी दिखाई देगी। हालांकि खालसों की संख्या तो करीब 800 बताई जा रही है, लेकिन यह सभी अखाड़े यहां नहीं आएंगे।
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वृंदावन कुंभ में आने वाले अखाड़े अपने साथ अपने आराध्य को भी लेकर आएंगे। उनके लिए कुंभ मेला क्षेत्र में ही मंदिर आदि बनाए जाने की परंपरा है, जहां ठाकुर जी की सेवा साधु-संत और महंत करेंगे।
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सिंहपौर हनुमान मंदिर के महंत सुंदरदास महाराज ने बताया कि अभा श्रीपंच निर्मोही अनी के अंतर्गत नौ अखाड़े हैं, जबकि अभा श्रीपंच दिगम्बर अनी के अंतर्गत दो अखाड़े, अभा श्रीपंच निर्माणी अनी के अंतर्गत सात अखाड़े हैं। उपरोक्त अखाड़ों के अंतर्गत करीब आठ सौ खालसा हैं। इसका प्रतिनिधित्व वृंदावन कुंभ में होना है। इसमें से इस बार कौन आएगा यह अभी तय नहीं है।
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अनी, अखाड़ों के लिए शुरू हुई प्लॉट आवंटन प्रक्रिया
वृंदावन कुंभ मेला में अनी, अखाड़ों के साथ अन्य साधु-संत और भागवताचार्यों के लिए प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मेलाधिकारी नगेंद्र प्रताप ने एसडीएम सदर क्रांतिशेखर की मौजूदगी में संतों की सहमति से अनेक आवेदनों पर विचार किया। इसमें वैष्णवों के अलावा अन्य सन्यासियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए। इस मौके पर सिंहपौर हनुमान मंदिर के महंत सुंदरदास महाराज, महंत हरिशंकर आदि शामिल रहे।