वृंदावन: कुंभ बैठक की शोभा बढ़ाएंगे सप्त देवालय, सात मार्च को निकलेंगी भव्य शोभायात्राएं
- बांकेबिहारी की नगरी में सात मार्च को निकलेंगी शोभायात्राएं
- साधु-संतों के साथ श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे ठाकुरजी
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वृंदावन के प्राचीन सप्त देवालय कुंभ बैठक की शोभा को और बढ़ाएंगे। सात मार्च को सुबह सप्त देवालयों की भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। इसमें ठाकुरजी के श्रीविग्रह नगर का भ्रमण करेंगे। इसे लेकर श्रीबांकेबिहारी की नगरी में उत्साह और उल्लास छाया हुआ है। सप्त देवालयों में ठाकुरजी के उत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
पैराग्लाइडिंग से होगी पुष्प वर्षा
राधा दामोदर मंदिर के सेवायत पूर्णचंद गोस्वामी ने बताया कि सात मार्च को निकाली जाने वाली शोभायात्रा में देश के कोने-कोने से भक्त भाग लेंगे। साथ ही अमेरिका, रूस, कनाडा आदि देशों से भक्त शामिल होंगे। इस बार श्री राधादामोदर मंदिर की ओर से पैराग्लाइडिंग से कुंभ परिसर में भव्य रूप से पुष्प वर्षा की जाएगी। भक्त द्वारा श्री हरिनाम संकीर्तन किया जायेगा। इस नगर शोभायात्रा में विभिन्न प्रकार की झांकियां निकाली जाएंगी।
ये देवालय होंगे शामिल
प्राचीन ठा. राधारमण मंदिर, राधा मदनमोहन मंदिर, राधा गोविन्द देव मंदिर, राधा गोपीनाथ मंदिर, राधा श्याम सुन्दर मंदिर, राधा दामोदर मंदिर, राधा गोकुलानन्द मंदिर शोभायात्रा की शोभा बढ़ाएंगे।
शोभायात्रा की तैयारियों को दिया अंतिम रूप
शुक्रवार को ठाकुर राधारमण मंदिर में आयोजित हुई बैठक में शोभायात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। निर्णय लिया गया कि शोभायात्रा प्रात: 9 से श्री मदन मोहन मन्दिर से प्रारम्भ होकर चीरघाट से एकत्रित होकर राधारमण मन्दिर, गोपीनाथ बाजार, रंगजी मन्दिर, अनाज मंडी, वनखंडी, लोई बाजार, प्रताप बाजार, चुंगी चैराहा, टटिया स्थान होकर कुम्भ क्षेत्र तक जाएगी।
कुंभ परिसर में बने श्री श्यामानन्द प्रभु नगर में सभी का पूजन-अर्चन किया जाएगा। बैठक में आचार्य सनातन किशोर देव गोस्वामी, आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी, आचार्य अनुज देव गोस्वामी, आचार्य गोपीनाथ लाल देव गोस्वामी, आचार्य कनिका प्रसाद गोस्वामी, आचार्य कृष्ण गोपालनन्द देव गोस्वमी, आचार्य पद्मनाभ गोस्वामी, आचार्य विभूति कृष्ण गोस्वामी, आचार्य अनिल कुमार गोस्वामी, स्वामी ज्ञान प्रकाश आदि थे।
राधा रमण मंदिर के सेवायत पद्मनाथ गोस्वामी ने कहा कि वृंदावन के यमुना तट पर 12 वर्ष बाद लगने वाले वैष्णव कुंभ की शोभा बढ़ाने के लिए सप्त देवालय एक साथ अपनी शोभायात्रा निकालते हैं। यह परंपरा सैंकड़ों वर्षों से अनवरत चली आ रही है।
इस शोभायात्रा के माध्यम से ठाकुरजी के श्रीविग्रह नगर भ्रमण करते हुए कुंभ पहुंचते हैं। कुंभ पहुंचने पर ठाकुरजी विभिन्न अखाड़ों, खालसों और मठों में विराजमान ठाकुरजी के श्री विग्रहों के दर्शन करते हैं। वहीं अपने दर्शन साधु, संतों और महंतों के साथ श्रद्घालुओं को देते हैं।