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शनि अमावस्या पर सुगंधित फूलों के बीच विराजे ठाकुर बांकेबिहारी
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वृंदावन (मथुरा)। शनि अमावस्या पर श्रीबांकेबिहारी का शृंगार फूलों से किया गया। ठाकुरजी को सुगंधित फूलों के बीच विराजमान किया। मंदिर में फूलों की महक के बीच दर्शन को पहुंचे भक्त यह वातावरण देख आनंदित हो उठे।
पिछले करीब एक माह से श्रीबांकेबिहारी मंदिर में गर्मी के प्रभाव को देखते हुए ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए नित नए प्रयत्न किए जा रहे हैं। भोग प्रसादी में शीतल पेय के साथ ठाकुरजी को फूलों के बंगला में विराजमान किया जा रहा है। इस बाद दो दिवसीय अमावस्या के दूसरे दिन शनिवार को शनि अमावस्या के अवसर भी ठाकुरजी को सुगंधित फूलों के बीच विराजमान किया गया। फूलों की महक ठाकुरजी के साथ दर्शन के लिए मंदिर आए भक्तों को भी आनंदित करती रही। मंदिर में सजे फूलबंगला को दर्शन के साथ देख रहे भक्त निहाल हो गए।
शनि अमावस्या को ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन को मंदिर परिसर में भीड़ उमड़ी। यह भीड़ मंदिर से जुड़ी गलियों में भी नजर आई। इस दौरान कोविड की सतर्कता के भाव किसी के चेहरे पर नहीं थे। यही कारण था कि बिहारी जी के भक्त कोविड के नियमों का पालन करने में लापरवाही बरतने लगे हैं।
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पिछले करीब एक माह से श्रीबांकेबिहारी मंदिर में गर्मी के प्रभाव को देखते हुए ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए नित नए प्रयत्न किए जा रहे हैं। भोग प्रसादी में शीतल पेय के साथ ठाकुरजी को फूलों के बंगला में विराजमान किया जा रहा है। इस बाद दो दिवसीय अमावस्या के दूसरे दिन शनिवार को शनि अमावस्या के अवसर भी ठाकुरजी को सुगंधित फूलों के बीच विराजमान किया गया। फूलों की महक ठाकुरजी के साथ दर्शन के लिए मंदिर आए भक्तों को भी आनंदित करती रही। मंदिर में सजे फूलबंगला को दर्शन के साथ देख रहे भक्त निहाल हो गए।
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शनि अमावस्या को ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन को मंदिर परिसर में भीड़ उमड़ी। यह भीड़ मंदिर से जुड़ी गलियों में भी नजर आई। इस दौरान कोविड की सतर्कता के भाव किसी के चेहरे पर नहीं थे। यही कारण था कि बिहारी जी के भक्त कोविड के नियमों का पालन करने में लापरवाही बरतने लगे हैं।
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