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Agra News: बीरई के ग्रामीणों ने श्रमदान कर संवारा ऊबड़-खाबड़ चकरोड
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Impact of the news: Villagers in Saiyan constructed a 50-meter-long approach road through volun
सैंया। गांव बीरई से नगला पुरोहित को जोड़ने वाले 1 किलोमीटर लंबे ऊबड़-खाबड़ और बदहाल चकरोड की समस्या का आखिरकार ग्रामीणों ने खुद समाधान कर लिया है। ग्रामीणों ने बिना प्रशासनिक मदद के खुद आगे आकर श्रमदान किया। बुलडोजर चलवाकर 50 मीटर हिस्से को आवागमन के योग्य बना दिया।
यह चकरोड खेतों पर जाने के लिए किसानों का आमरास्ता है। रास्ता खराब होने, जलभराव और कीचड़ की वजह से यहां से पैदल निकलना भी दूभर हो गया था। किसानों के ट्रैक्टर तक कीचड़ में फंस जाते थे। लंबे समय से परेशान ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई थी। स्थानीय ग्रामीणों राजकुमार सिंह, चंद्र प्रकाश धाकरे, परमाल सिंह और सुशील आदि की मांग पर ‘अमर उजाला’ ने इस चक रोड की दुर्दशा का समाचार प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद ग्रामीणों में एकजुटता आई और उन्होंने खुद पहल करते हुए बुलडोजर मंगवा कर श्रमदान कर 50 मीटर लंबे हिस्से को चलने लायक बना दिया। चकरोड संवरने से राहगीरों और किसानों को आवागमन में राहत मिलेगी।
यह चक रोड अभी तक विभाग की कार्ययोजना में दर्ज नहीं था। इसी वजह से इस पर कार्य नहीं कराया जा सका था। ग्रामीणों के इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है।-जयकिशन दोहरे, खंड विकास अधिकारी सैंया
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यह चकरोड खेतों पर जाने के लिए किसानों का आमरास्ता है। रास्ता खराब होने, जलभराव और कीचड़ की वजह से यहां से पैदल निकलना भी दूभर हो गया था। किसानों के ट्रैक्टर तक कीचड़ में फंस जाते थे। लंबे समय से परेशान ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई थी। स्थानीय ग्रामीणों राजकुमार सिंह, चंद्र प्रकाश धाकरे, परमाल सिंह और सुशील आदि की मांग पर ‘अमर उजाला’ ने इस चक रोड की दुर्दशा का समाचार प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद ग्रामीणों में एकजुटता आई और उन्होंने खुद पहल करते हुए बुलडोजर मंगवा कर श्रमदान कर 50 मीटर लंबे हिस्से को चलने लायक बना दिया। चकरोड संवरने से राहगीरों और किसानों को आवागमन में राहत मिलेगी।
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यह चक रोड अभी तक विभाग की कार्ययोजना में दर्ज नहीं था। इसी वजह से इस पर कार्य नहीं कराया जा सका था। ग्रामीणों के इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है।-जयकिशन दोहरे, खंड विकास अधिकारी सैंया
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