Agra: पुलिस आयुक्त को सुनाई पीड़िता ने व्यथा, तब कहीं चार साल बाद दर्ज हो सका छेड़छाड़, मारपीट का मुकदमा
पीड़ित महिला पुलिस आयुक्त के समक्ष पेश हुई। उसने अपनी व्यथा सुनाई, जिसके बाद मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है। इसमें दो नामजद और एक अज्ञात आरोपी हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के थाना सिकंदरा में एक पीड़िता की शिकायत पर घटना के चार साल बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि पुलिस ने पूर्व में मेडिकल कराया। मगर, मुकदमा दर्ज नहीं किया। अब वो पुलिस आयुक्त के समक्ष पेश हुई थी। इस पर मुकदमा दर्ज हुआ है। इसमें दो नामजद और एक अज्ञात आरोपी हैं। पुलिस साक्ष्य संकलन कर रही है।
ये है मामला
पीड़िता सिकंदरा क्षेत्र की रहने वाली है। मुकदमे में दीपिका चौधरी, राजेश चाहर और अज्ञात को नामजद किया है। पीड़िता पुलिस आयुक्त के समक्ष पेश हुई थी। उसने कहा कि 12 जुलाई 2018 को घर में घुसकर दीपिका चौधरी ने गालीगलौज की। वह कुछ कर पातीं, उससे पहले ही दो और लोग आ गए। तीनों ने जान से मारने के लिए मारपीट की। आरोपियों में राजेश चाहर भी था। वह कागारौल क्षेत्र का बदमाश है। इन सभी ने बदसलूकी की। कपड़े फाड़ दिए। इस घटना की वीडियो भी उनके पास है।
ये भी पढ़ें - धोखाधड़ी: बुक करने के 11 साल बाद भी नहीं दिया फ्लैट, गायत्री बिल्डर के खिलाफ एक और मुकदमा
नहीं दर्ज हो सका था मुकदमा
पुलिस से शिकायत करने पर मेडिकल कराया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। इस पर जांच हुई। मगर, कार्रवाई नहीं हुई।
साक्ष्य संकलन कर रही पुलिस
थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि पीड़िता ने अब शिकायत की है। इस पर घर में घुसकर छेड़छाड़, मारपीट, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। साक्ष्य संकलन कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।