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प्रख्यात गीतकार और कवि गोपालदास नीरज का आखिरी कारवां अलीगढ़ रवाना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 21 Jul 2018 01:33 PM IST
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'नीरज' का आखिरी कारवां
- फोटो : अमर उजाला
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प्रख्तात गीतकार और कवि पद्मश्री गोपालदास नीरज का आखिरी कारवां आगरा से अलीगढ़ के लिए रवाना हो गया है। जहां नुमाइश मैदान में लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे।
इससे पहले शनिवार की सुबह दिल्ली से उनका पार्थिव शरीर आगरा में उनकी स्वर्गीय पत्नी मनोरमा के निवास पर लाया गया। यहां करीब दो घंटे तक लोगों ने महाकवि के अंतिम दर्शन किए।
डीएम, एसएसपी, कवि और नेता कुमार विश्वास, हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा, तेज नारायण बेचैन समेत कई लोग साहित्य के तपस्वी के अंतिम दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने नीरज को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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इससे पहले शनिवार की सुबह दिल्ली से उनका पार्थिव शरीर आगरा में उनकी स्वर्गीय पत्नी मनोरमा के निवास पर लाया गया। यहां करीब दो घंटे तक लोगों ने महाकवि के अंतिम दर्शन किए।
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डीएम, एसएसपी, कवि और नेता कुमार विश्वास, हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा, तेज नारायण बेचैन समेत कई लोग साहित्य के तपस्वी के अंतिम दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने नीरज को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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'गीतों में अमर रहेंगे नीरज'
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव भी प्रख्तात गीतकार के अंतिम दर्शन करने पहुंचे। दोनों नेताओं ने महाकवि को श्रद्धा सुमन अपर्ति किए।
अखिलश ने कहा कि नीरज जी जीवित रहेंगे अपने अमर गीतों से, कविताओं और इंसानियत से। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आई तो इटावा में उनकी याद में स्मृति भवन बनवाएंगे।
इस दौरान गीत के रचयिता का आखिरी कारवां आंसुओं से भींगा रहा। नीरज के लिखे गीत गूंजते रहे। गजल गुनगुनाती रही, मगर कविता का राजकुमार चिर निंद्रा में लीन रहा।
अखिलश ने कहा कि नीरज जी जीवित रहेंगे अपने अमर गीतों से, कविताओं और इंसानियत से। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आई तो इटावा में उनकी याद में स्मृति भवन बनवाएंगे।
इस दौरान गीत के रचयिता का आखिरी कारवां आंसुओं से भींगा रहा। नीरज के लिखे गीत गूंजते रहे। गजल गुनगुनाती रही, मगर कविता का राजकुमार चिर निंद्रा में लीन रहा।