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महंगाई की मार से आम आदमी परेशान, सातवें आसमान पर सब्जी-आटा के दाम
पुनीत शर्मा, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 13 Aug 2018 07:35 AM IST
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सब्जी की दुकान
- फोटो : अमर उजाला
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त्योहार के सीजन में महंगाई ने आम आदमी की थाली से सब्जी गायब कर दी है। वहीं खाद्य पदार्थों के दामों में भी बेहताशा वृद्धि हुई है। ऐसे में आम आदमी क्या पकाए, क्या पकाए और क्या बचाए।
आटा 24 से 30 रुपये किलो हो गया। बेसन का भाव 65 रुपये किलो है। सूजी 30 रुपये किलो पहुंच गई। अब सब्जी पर आ जाइए। तुरई 25 से 30 रुपये किलो। लौकी 20 से 30। टमाटर 30 रुपये किलो पहुंच गया है।
10 दिन पहले तक आटा (फुटकर) 22 रुपये किलो तक बिक रहा था। लेकिन अब आटे का भाव कहीं 24 रुपये किलो तो कहीं 24.50 रुपये किलो तक पहुंच गया है। ब्रांडेड आटा 30 रुपये किलो है। बाजार का रुख देखकर लगता है कि त्योहारी सीजन में रेट अभी आगे और बढ़ सकते हैं।
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आटा 24 से 30 रुपये किलो हो गया। बेसन का भाव 65 रुपये किलो है। सूजी 30 रुपये किलो पहुंच गई। अब सब्जी पर आ जाइए। तुरई 25 से 30 रुपये किलो। लौकी 20 से 30। टमाटर 30 रुपये किलो पहुंच गया है।
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10 दिन पहले तक आटा (फुटकर) 22 रुपये किलो तक बिक रहा था। लेकिन अब आटे का भाव कहीं 24 रुपये किलो तो कहीं 24.50 रुपये किलो तक पहुंच गया है। ब्रांडेड आटा 30 रुपये किलो है। बाजार का रुख देखकर लगता है कि त्योहारी सीजन में रेट अभी आगे और बढ़ सकते हैं।
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आटा, बेसन, मैदा के भी बढ़े दाम
खुला आटा ही 27 रुपये किलो तक पहुंच सकता है। आटे के साथ बेसन, मैदा, सूजी और खाद्य तेल की कीमतों में भी बढ़ोत्तरी हो गई है। लौकी के भाव तो हर रोज घट-बढ़ रहे हैं। 50 रुपये किलो तक लौकी बिकी है। अब भी 20 से 30 रुपये की कीमत है।
तुरई का भाव भी 30 से 35 रुपये किलो तक था। हालांकि रविवार को तुरई फुटकर में 20 से 25 रुपये किलो तक रही। कालोनी और मुहल्लों में ठेले पर बिकने वाली सब्जी तो और भी महंगी है।
सब्जी कारोबारी रूप सिंह का कहना है कि लौकी और तुरई के भाव तो रोज घट-बढ़ रहे हैं। इस बार बरसात में सब्जी खराब हुई है जिसके कारण महंगाई आई है।
देवेंद्र सिंह का कहना है कि खीरे की फसल भी बरसात में चौपट हो गई है। जिसके कारण खीरा महंगा है। इस समय खीरा 30 से 35 रुपये किलो तक बिक रहा है। सब्जी के रेट में कम होने में अभी कम से कम एक महीना लग जाएगा।
तुरई का भाव भी 30 से 35 रुपये किलो तक था। हालांकि रविवार को तुरई फुटकर में 20 से 25 रुपये किलो तक रही। कालोनी और मुहल्लों में ठेले पर बिकने वाली सब्जी तो और भी महंगी है।
सब्जी कारोबारी रूप सिंह का कहना है कि लौकी और तुरई के भाव तो रोज घट-बढ़ रहे हैं। इस बार बरसात में सब्जी खराब हुई है जिसके कारण महंगाई आई है।
देवेंद्र सिंह का कहना है कि खीरे की फसल भी बरसात में चौपट हो गई है। जिसके कारण खीरा महंगा है। इस समय खीरा 30 से 35 रुपये किलो तक बिक रहा है। सब्जी के रेट में कम होने में अभी कम से कम एक महीना लग जाएगा।
10 दिनों में बढ़े भाव (प्रति किलो-रुपये में)
आटा-24 से 30
बेसन-65
मैदा- 26 से 28
सूजी- 28 से 30
चीनी- 38
तेल- 100 से 105 रुपये लीटर
आटा-24 से 30
बेसन-65
मैदा- 26 से 28
सूजी- 28 से 30
चीनी- 38
तेल- 100 से 105 रुपये लीटर