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मेहमानों के सामने किरकिरी हुई तो जमीन पर बैठे वीसी
मेहमानों के सामने किरकिरी हुई तो जमीन पर बैठे वीसी
Updated Sat, 25 Mar 2017 01:45 AM IST
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मेहमानों के सामने किरकिरी हुई तो जमीन पर बैठे वीसी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शुक्रवार को डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की मेहमानाें के सामने किरकिरी हुई। इंटरनेशनल सेमिनार के दौरान छात्राें ने खंदारी कैंपस स्थित जेपी सभागार के बाहर देर तक नारेबाजी की। यह एमफिल के छात्राें को पीएचडी में सीधे प्रवेश दिए जाने की मांग कर रहे थे। नाराजगी में कुलपति डा. अरविंद कुमार दीक्षित भी जमीन पर बैठे गए।
जेपी सभागार में विश्वविद्यालय के इतिहास एवं संस्कृति विभाग की ओर से इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था। इसमें इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च और बाबा साहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से प्रतिनिधि आए थे। कार्यक्रम में जाते समय कुलपति डा. अरविंद कुमार दीक्षित का विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के अध्यक्ष गौरव शर्मा के नेतृत्व में छात्राें ने घेराव किया। वह सभागार में चल गए। बाहर छात्र-छात्राएं नारेबाजी करते रहे। कुलपति बीच कार्यक्रम में बाहर निकले। छात्रों से कहा कि वह मेहमानाें के सामने विश्वविद्यालय की छवि न खराब करें। छात्र अपनी मांग पर अड़े पर रहे।
छात्राें ने आरोप लगाया, विश्वविद्यालय उनकी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। कुलपति से नोकझोंक भी हुई। कुछ देर बाद कुलपति फिर सभागार में चले गए। प्रदर्शन में शामिल एमफिल जूलोजी की छात्रा दिव्या शर्मा बेहोश हो गई। कार्यक्रम खत्म होने के बाद कुलपति उसे देखने पहुंचे। उसके साथ की छात्रा से बात की और बताया कि विश्वविद्यालय स्तर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजभवन से फैसला लिया जाना है। कुलपति ने जाने की कोशिश की तो छात्र उनकी गाड़ी के आगे बैठ गए। उन्होंने नाराजगी भरे लहजे में कहा कि यदि विश्वविद्यालय की छवि बिगाड़नी है तो वह भी छात्रों के साथ बैठते हैं, और वह भी जमीन पर बैठ गए। शिक्षकों के कहने पर गौरव शर्मा और अन्य छात्रों ने पैर छूकर उन्हें उठाया। प्रदर्शन में लाले गौतम, राहुल तिवारी, माधव गौतम, अश्वनी दीक्षित, दिव्या, जया आदि शामिल रहे।
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दो माह पहले छात्रों ने कुलपति से मुलाकात की थी। समस्या के निस्तारण के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया था। अभी तक कुछ हो नहीं पाया। - गौरव शर्मा, अध्यक्ष, विवि छात्रसंघ
‘एमफिल के छात्राें के पीएचडी में सीधे प्रवेश के लिए राजभवन स्तर से निर्णय लिया जाना है। विश्वविद्यालय स्तर से प्रस्ताव भेजा जाना है। उसकी प्रक्रिया चल रही है। छात्र-छात्राआें को कार्यालय में आकर बात करनी चाहिए। मेहमानों के सामने विरोध प्रदर्शन करने का संदेश ठीक नहीं गया।’ - डा. अरविंद कुमार दीक्षित, कुलपति
आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए
कुलपति के जमीन पर बैठने पर विवि के स्टाफ में किसी ने आरोप लगाया कि छात्र नेता किसी काम का ठेका मांग रहे थे, मना करने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पर छात्र नेता भी तमाम आरोप लगाने लगे। फिर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। पुलिस ने छात्रों को हटाया। कुलपति की गाड़ी बाहर निकाली।
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जेपी सभागार में विश्वविद्यालय के इतिहास एवं संस्कृति विभाग की ओर से इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था। इसमें इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च और बाबा साहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से प्रतिनिधि आए थे। कार्यक्रम में जाते समय कुलपति डा. अरविंद कुमार दीक्षित का विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के अध्यक्ष गौरव शर्मा के नेतृत्व में छात्राें ने घेराव किया। वह सभागार में चल गए। बाहर छात्र-छात्राएं नारेबाजी करते रहे। कुलपति बीच कार्यक्रम में बाहर निकले। छात्रों से कहा कि वह मेहमानाें के सामने विश्वविद्यालय की छवि न खराब करें। छात्र अपनी मांग पर अड़े पर रहे।
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छात्राें ने आरोप लगाया, विश्वविद्यालय उनकी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। कुलपति से नोकझोंक भी हुई। कुछ देर बाद कुलपति फिर सभागार में चले गए। प्रदर्शन में शामिल एमफिल जूलोजी की छात्रा दिव्या शर्मा बेहोश हो गई। कार्यक्रम खत्म होने के बाद कुलपति उसे देखने पहुंचे। उसके साथ की छात्रा से बात की और बताया कि विश्वविद्यालय स्तर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजभवन से फैसला लिया जाना है। कुलपति ने जाने की कोशिश की तो छात्र उनकी गाड़ी के आगे बैठ गए। उन्होंने नाराजगी भरे लहजे में कहा कि यदि विश्वविद्यालय की छवि बिगाड़नी है तो वह भी छात्रों के साथ बैठते हैं, और वह भी जमीन पर बैठ गए। शिक्षकों के कहने पर गौरव शर्मा और अन्य छात्रों ने पैर छूकर उन्हें उठाया। प्रदर्शन में लाले गौतम, राहुल तिवारी, माधव गौतम, अश्वनी दीक्षित, दिव्या, जया आदि शामिल रहे।
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दो माह पहले छात्रों ने कुलपति से मुलाकात की थी। समस्या के निस्तारण के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया था। अभी तक कुछ हो नहीं पाया। - गौरव शर्मा, अध्यक्ष, विवि छात्रसंघ
‘एमफिल के छात्राें के पीएचडी में सीधे प्रवेश के लिए राजभवन स्तर से निर्णय लिया जाना है। विश्वविद्यालय स्तर से प्रस्ताव भेजा जाना है। उसकी प्रक्रिया चल रही है। छात्र-छात्राआें को कार्यालय में आकर बात करनी चाहिए। मेहमानों के सामने विरोध प्रदर्शन करने का संदेश ठीक नहीं गया।’ - डा. अरविंद कुमार दीक्षित, कुलपति
आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए
कुलपति के जमीन पर बैठने पर विवि के स्टाफ में किसी ने आरोप लगाया कि छात्र नेता किसी काम का ठेका मांग रहे थे, मना करने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पर छात्र नेता भी तमाम आरोप लगाने लगे। फिर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। पुलिस ने छात्रों को हटाया। कुलपति की गाड़ी बाहर निकाली।