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सरकारी दवा बेचने का मामला: वरदान मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस निरस्त, 23 तरह की दवाएं की थीं सीज

Fri, 20 Feb 2026 05:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 20 Feb 2026 05:01 AM IST
सार

सरकारी दवाएं बेचने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। आगरा में वरदान मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही आठ लाख रुपये की दवाएं सीज की गई हैं। 

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Vardan Medical Agency License Cancelled for Selling Government-Supplied Medicines
दवाएं हुईं जब्त - फोटो : संवाद

विस्तार

औषधि विभाग ने फव्वारा स्थित वरदान मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। बीते साल दिसंबर में मेडिकल एजेंसी से कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल की दवाएं जब्त की गई थीं। नकली दवाओं की आशंका पर दो नमूने भी लिए थे जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है। जांच में पुष्टि होने पर केस दर्ज होगा।
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सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि 18 दिसंबर को मुख्यालय से निर्देश मिला था कि वरदान मेडिकल स्टोर संचालक नकली और सरकारी दवाओं की अवैध कारोबार करता है। छापे के लिए दो जिलों की टीम को भेजा गया था। जांच करने पर ईएसआईसी अस्पताल की दवाओं से भरे 13 डिब्बे मिले थे। ये एंटीबायोटिक दवाएं थीं जिस पर गवर्नमेंट सप्लाई दर्ज था।
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डिब्बों की गिनती करने पर 1300 टैबलेट पाई गई थीं। मेडिकल स्टोर के संचालक अंकुर अग्रवाल ने बताया था कि ये दवाएं मध्यप्रदेश से हॉकर देकर गया है। इस पर वरदान मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। टीम ने यहां से नकली की आशंका पर खून बढ़ाने वाले इंजेक्शन के दो नमूने भी लिए थे जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। रिपोर्ट में नकली की पुष्टि होने पर आरोपी विक्रेता के खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।

 
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ग्वालियर में भी चल रही जांच
सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि जांच में दवाएं ग्वालियर ईएसआईसी अस्पताल की बताई गई थीं। दवाओं के बैच नंबर समेत अन्य विवरण ग्वालियर औषधि विभाग को भेजा गया था। वहां पर भी इसकी जांच चल रही है। रैपर से केमिकल की मदद से गवर्नमेंट सप्लाई को साफ कर दवाओं की बिक्री की जाती थी।
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आठ लाख रुपये की 23 तरह की दवाएं की थीं सीज
औषधि विभाग के छापे में वरदान मेडिकल एजेंसी पर 23 तरह की दवाओं के बिल नहीं मिले थे। इसमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, पेट रोग, एंटीबायोटिक समेत अन्य तरह की दवाएं थीं। औषधि विभाग की टीम ने तीन दिन तक जांच की थी। दवाओं के बिल नहीं दिखाने पर आठ लाख रुपये की दवाएं सीज भी कर दी थीं।

2021 में भी मध्यप्रदेश की सरकारी दवाएं हुई थीं जब्त
पुलिस ने 2021 में भी कमला नगर में अंतरराज्यीय गैंग पकड़ा था। इसमें दवा माफिया पंकज अग्रवाल समेत कई लोग गिरफ्तार किए गए थे। मौके से नकली दवाओं के साथ सरकारी दवाएं भी जब्त की गई थीं। वे दवाएं भी मध्यप्रदेश की थीं जिन पर गवर्नमेंट सप्लाई लिखा हुआ था।
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