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Agra News: एक कुटुंब में 200 राम, 6 पीढ़ियों से लिख रहे नाम, पढ़ें लुहार गली में वैद्य परिवार की कहानी
Fri, 23 Sep 2022 04:18 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 23 Sep 2022 04:18 PM IST
सार
लुहारगली के वैद्य परिवार ने नाम के आगे राम लगाने की यह परंपरा छह पीढ़ियों से कायम रखी है। परिवार में कई चिकित्सक भी हैं, जिनका नाम राम से शुरू होता है।
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लुहार गली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ऋषियों की भूमि आगरा में एक अद्भुत कुटुंब है, जिसमें 200 से अधिक परिजनों के नाम राम के साथ शुरू होते हैं। इस परिवार की छठवीं पीढ़ी में सबसे छोटे हैं राम अनवय शर्मा। उनका जन्म पिछले साल अप्रैल महीने में हुआ है। लुहारगली के वैद्य परिवार ने नाम के आगे राम लगाने की यह परंपरा छह पीढ़ियों से कायम रखी है। परिवार में कई चिकित्सक भी हैं, जिनका नाम राम से शुरू होता है।
हरियाणा के नारनौल के मूल निवासी इस परिवार के सदस्य वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता आंदोलन में पहले गोकुल, फिर आगरा आ गए। पुराने शहर में श्रीमन:कामेश्वर मंदिर के पीछे टीले पर निवास बनाया और आयुर्वेद चिकित्सा करने लगे। जिस गली में इनके निवास बने उसे वैद्य गली कहा जाने लगा। यहां आज भी 6 से अधिक वैद्य हैं। सभी के नाम राम पर ही हैं। 25 से ज्यादा मकान भी इन्हीं लोगों के यहां हैं। इनमें वैद्य रामदत्त शर्मा, वैद्य रामचंद शर्मा, वैद्य रामधन शर्मा, वैद्य राममूर्ति शर्मा, वैद्य राम प्रसाद शर्मा, वैद्य राम सहाय शर्मा, वैद्य रामानंद शर्मा, वैद्य रामनिवास शर्मा, वैद्य रामभूषण शर्मा, वैद्य रामकुमार शर्मा, वैद्य राम आधार शर्मा, वैद्य राम दिनेश शर्मा, वैद्य राम सुधीर शर्मा, वैद्य राम राजुल शर्मा, वैद्य रामनिधि शर्मा, वैद्य राम शिरोमणि शर्मा है। अब उनके पुत्र, पौत्र आदि आयुर्वेद की इस परंपरा को कायम रखे हुए हैं।
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(प्रस्तुति- आदर्श नंदन गुप्ता)
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हरियाणा के नारनौल के मूल निवासी इस परिवार के सदस्य वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता आंदोलन में पहले गोकुल, फिर आगरा आ गए। पुराने शहर में श्रीमन:कामेश्वर मंदिर के पीछे टीले पर निवास बनाया और आयुर्वेद चिकित्सा करने लगे। जिस गली में इनके निवास बने उसे वैद्य गली कहा जाने लगा। यहां आज भी 6 से अधिक वैद्य हैं। सभी के नाम राम पर ही हैं। 25 से ज्यादा मकान भी इन्हीं लोगों के यहां हैं। इनमें वैद्य रामदत्त शर्मा, वैद्य रामचंद शर्मा, वैद्य रामधन शर्मा, वैद्य राममूर्ति शर्मा, वैद्य राम प्रसाद शर्मा, वैद्य राम सहाय शर्मा, वैद्य रामानंद शर्मा, वैद्य रामनिवास शर्मा, वैद्य रामभूषण शर्मा, वैद्य रामकुमार शर्मा, वैद्य राम आधार शर्मा, वैद्य राम दिनेश शर्मा, वैद्य राम सुधीर शर्मा, वैद्य राम राजुल शर्मा, वैद्य रामनिधि शर्मा, वैद्य राम शिरोमणि शर्मा है। अब उनके पुत्र, पौत्र आदि आयुर्वेद की इस परंपरा को कायम रखे हुए हैं।
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प्रदेश की पहली एक्स-रे मशीन लगाई
वैद्य गली में प्रदेश की पहली एक्स-रे मशीन वर्ष 1937 में इसी परिवार के डॉ. रामनारायन शर्मा ने लगाई थी। वह मशीन व अन्य मशीनें आज भी यहां सुरक्षित है। इसे एक्स-रे मशीनों का म्यूजियम भी कहा जाता है।
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लठैत भी रहे इस परिवार में
मुहल्लों में दबंग कई बार हमले भी कर देते थे, उनसे लड़ने के लिए इस परिवार में पक्के लठैत भी रहे हैं। एक बार श्रीरामबरात को निकाले जाने में बाधा उत्पन्न की गई तो इस परिवार के लठैतों ने बरात निकलवाई।आधुनिक चिकित्सा पद्धति में भी किया नाम रोशन
वैद्य परिवार के सदस्यों ने आधुनिक चिकित्सा में भी नाम रोशन किया। परिवार के डॉ. रामनारायन शर्मा ने वर्ष 1927 में डिप्लोमा इन ट्रिपिकल मेडिसन किया था। इसके अलावा डॉ. रामेन्द्र कुमार शर्मा पैथोलोजिस्ट, डॉ. राम मनोहर शर्मा, डॉ. राम विनय शर्मा, डॉ. राम दिवाकर शर्मा, डॉ. राम कीर्ति शर्मा, डॉ. राम अखिलेश शर्मा, डॉ. राम हर्ष, डॉ. राम क्षितिज शर्मा, डॉ. राम रवि शर्मा, डॉ. राम अभिषेक शर्मा (मनोचिकित्सक अमेरिका)। वर्तमान पीढ़ी में अधिकतर बच्चे इंजीनियरिंग करके भी देश- विदेश में अच्छे पदों पर प्रतिष्ठित हैं।लक्ष्मी नारायन मंदिर की स्थापना
राम परिवार के डॉ. राम नारायन शर्मा ने लुहारगली में ही लक्ष्मीनारायन मंदिर की स्थापना वर्ष 1952 में की। मंदिर में परिजन ही सेवा करते हैं। रिश्तेदार कौशल नारायन शर्मा ने बताया कि वैद्य देवदत्त, परिवार के सबसे वरिष्ठ थे। उनके पास हनुमानजी की छोटी सी मूर्ति हमेशा साथ रहती थी। वे राम भक्त कहलाते थे। उन्होंने ही अपने बच्चों के नाम राम पर रखने शुरू कर दिए थे। 200 लोगों के नाम राम के नाम पर है।(प्रस्तुति- आदर्श नंदन गुप्ता)