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Lockdown: राजस्थान से बिहार जाने के लिए पैदल निकले 14 मजदूर, कोरोना ने छीना रोजगार
Wed, 25 Mar 2020 12:11 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 25 Mar 2020 12:11 AM IST
सार
बिहार निवासी 14 मजदूर राजस्थान के जयपुर से 21 मार्च को चले थे। 24 मार्च को आगरा पहुंचे। इस दौरान उनको कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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पैदल जाते मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना वायरस की रोकथाम को किए गए लॉकडाउन के बाद मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। दूसरे प्रदेशों में काम करने वाले मजदूर घर लौट रहे हैं। राजस्थान के जयपुर से कोल्ड स्टोरेज में काम करने वाले मजदूरों को घर भेजा जा रहा है।
मंगलवार को 14 मजदूर जयपुर से पैदल बिहार जाने के लिए निकले। रास्ते में उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन वो पैदल ही जाने को मजबूर हैं।
आगरा पहुंचे बिहार के सिफॉल निवासी सुधीर कुमार ने बताया कि एक माह पहले अपने 14 साथियों के साथ जयपुर के कोल्ड स्टोरेज में काम करने के लिए गया था। अभी 25 दिन ही हो पाए थे कि सरकार के आदेश पर कोल्ड स्टोरेज को बंद कर दिया गया।
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मंगलवार को 14 मजदूर जयपुर से पैदल बिहार जाने के लिए निकले। रास्ते में उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन वो पैदल ही जाने को मजबूर हैं।
आगरा पहुंचे बिहार के सिफॉल निवासी सुधीर कुमार ने बताया कि एक माह पहले अपने 14 साथियों के साथ जयपुर के कोल्ड स्टोरेज में काम करने के लिए गया था। अभी 25 दिन ही हो पाए थे कि सरकार के आदेश पर कोल्ड स्टोरेज को बंद कर दिया गया।
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मालिक ने दो-दो हजार रुपये देकर घर भेजा
इसके बाद कोल्ड स्टोरेज मालिक ने दो हजार रुपये देकर उन्हें घर भेज दिया। मगर जयपुर में कर्फ्यू लगा हुआ है। इस कारण कोई वाहन नहीं चल रहा। वे अपने साथियों के साथ पैदल ही घर के लिए निकल लिए। 21 मार्च को जयपुर से निकले थे। 24 मार्च को आगरा पहुंच पाए।
रास्ते में खाने और पीने का सामान भी नहीं मिला। इस कारण भूखे पेट चल रहे हैं। रास्ते में जो मिल जाता है, उसी से पेट भर लेते हैं। उन्हें करीब 1000 किलोमीटर दूर अपने जिले में जाना है।
बिहार के मजदूरों में प्रभास, संजीत, श्याम, विनोद, सुग्रीव, पवन, गुलशन, रंजीत, दीपनारायण, भूपेंद्र, मनोज, अर्जुन आदि सभी चल रहे हैं। रास्ते में पुलिस रोकती है तो वो पैदल अपने घर जाने के लिए कह देते हैं।
दिल्ली से आए आठ लोगों की स्क्रीनिंग
उधर, बाहर रहकर नौकरी करने वाले आगरा निवासी भी लौटकर आ रहे हैं। इनके आने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम स्क्रीनिंग के लिए पहुंच रही है। मंगलवार को जैतपुर के चार गांवों में दिल्ली से आठ लोग आए हैं। जिनकी स्क्रीनिंग डॉ. जितेंद्र वर्मा की टीम ने की।
रास्ते में खाने और पीने का सामान भी नहीं मिला। इस कारण भूखे पेट चल रहे हैं। रास्ते में जो मिल जाता है, उसी से पेट भर लेते हैं। उन्हें करीब 1000 किलोमीटर दूर अपने जिले में जाना है।
बिहार के मजदूरों में प्रभास, संजीत, श्याम, विनोद, सुग्रीव, पवन, गुलशन, रंजीत, दीपनारायण, भूपेंद्र, मनोज, अर्जुन आदि सभी चल रहे हैं। रास्ते में पुलिस रोकती है तो वो पैदल अपने घर जाने के लिए कह देते हैं।
दिल्ली से आए आठ लोगों की स्क्रीनिंग
उधर, बाहर रहकर नौकरी करने वाले आगरा निवासी भी लौटकर आ रहे हैं। इनके आने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम स्क्रीनिंग के लिए पहुंच रही है। मंगलवार को जैतपुर के चार गांवों में दिल्ली से आठ लोग आए हैं। जिनकी स्क्रीनिंग डॉ. जितेंद्र वर्मा की टीम ने की।