{"_id":"5cab7e00bdec22146c224cc9","slug":"upsc-results-2019-gaurav-get-107-rank-in-india","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फौजी पिता का बेटा बना आईएएस, तीसरे प्रयास में मिली कामयाबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फौजी पिता का बेटा बना आईएएस, तीसरे प्रयास में मिली कामयाबी
Mon, 08 Apr 2019 10:30 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 08 Apr 2019 10:30 PM IST
विज्ञापन
आईएएस परीक्षा पास करने वाले गौरव सिकरवार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फौजी पिता के होनहार बेटे ने सिविल सेवा परीक्षा में 107वीं रैंक प्राप्त की। ग्रामीण परिवेश से आने वाले युवक की इस कामयाबी पर सभी गौरवांवित महसूस कर रहे हैं।
विकास खंड अछ्नेरा के अंतर्गत अछनेरा क्षेत्र गांव कुकथला के बीएसएफ में हवलदार पद से सेवानिवृत्त राजेश सिकरवार और डाकघर में कार्यरत नीलम सिकरवार के छोटे पुत्र गौरव सिकरवार ने आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। उसकी इस सफलता की खबर मिलते ही पूरे गांव में खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
इस उपलब्धि पर परिवार में तो जश्न जैसा माहौल बना हुआ है। गौरव ने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में हासिल की है। मेधावी गौरव ने आरईआई दयालबाग से इंटरमीडिएट करने के बाद मथुरा से बीटेक किया। पिछले साल आईईएस में 60वीं रैंक प्राप्त की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास खंड अछ्नेरा के अंतर्गत अछनेरा क्षेत्र गांव कुकथला के बीएसएफ में हवलदार पद से सेवानिवृत्त राजेश सिकरवार और डाकघर में कार्यरत नीलम सिकरवार के छोटे पुत्र गौरव सिकरवार ने आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। उसकी इस सफलता की खबर मिलते ही पूरे गांव में खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
विज्ञापन
इस उपलब्धि पर परिवार में तो जश्न जैसा माहौल बना हुआ है। गौरव ने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में हासिल की है। मेधावी गौरव ने आरईआई दयालबाग से इंटरमीडिएट करने के बाद मथुरा से बीटेक किया। पिछले साल आईईएस में 60वीं रैंक प्राप्त की थी।
विज्ञापन
गौरव वर्तमान में जिंदल स्टील पावर रांची में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। रांची में कार्यरत रहने के दौरान भी उन्होंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी जारी रखी।
रव की उपलब्धि पर जितेंद्र सिकरवार, सतीश सिकरवार, राजेंद्र सिंह, टीकम सिंह,चंद्रभान सिंह, मोहन सिंह, मंगल सिंह आदि उनके गांव आने का इंतजार कर रहे हैं।
रव की उपलब्धि पर जितेंद्र सिकरवार, सतीश सिकरवार, राजेंद्र सिंह, टीकम सिंह,चंद्रभान सिंह, मोहन सिंह, मंगल सिंह आदि उनके गांव आने का इंतजार कर रहे हैं।