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Agra News: जिला अस्पताल में मरीज की मौत के बाद हंगामा
Fri, 08 Aug 2025 11:28 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:28 PM IST
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जिला अस्पताल पर आक्रोश जताते मृतक के परिजन ।
कासगंज। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार देर रात मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। तीमारदारों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगा दिए जिससे मरीज की मौत हो गई। वहीं, डॉक्टर ने तीमारदारों पर हाथापाई के आरोप लगाया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामला शांत कराया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों की ओर से डॉक्टर व अन्य स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी गई है। मोहनपुरा निवासी सुखवीर सिंह पुत्र मानपाल सिंह ने सदर कोतवाली में तहरीर देते हुए बताया कि उन्होंने बुधवार की रात करीब 10 बजे पिता मानपाल सिंह को यूरिन न आने की समस्या पर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। उनके पिता खुद चलकर अस्पताल के अंदर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉ. दीपक कुमार ने पिता को यूरिन निकालने के लिए नली लगाकर बेड पर लिटा दिया। इसके बाद डॉक्टर के निर्देश पर स्टाफ के एक व्यक्ति ने उनके पिता को दो हैवी डोज एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगा दिए। जबकि वह और उनके साथ में मौजूद सुखवेंद्र राघव व इमरान सैफी इंजेक्शन लगाने से मना करते रहे। इंजेक्शन लगाते ही उनके पिता की हालत बिगड़ गई।
इंफेक्शन से शरीर में खुजली होने लगी। थोड़ी देर बाद उनकी तड़प-तड़पकर इमरजेंसी में ही मौत हो गई। उनका आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद डॉक्टर ने उनके पिता को देखने से इंकार कर दिया। जिला अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। उन्होंने परिजनों को समझाकर शांत कराया और शव का पोस्टमार्टम कराया। सुखवीर ने डॉक्टर दीपक कुमार व अन्य स्टाफ के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
वर्जन
मरीज का दिल्ली में चल रहा था। उसे किडनी की गंभीर समस्या थी। परिजनों से उनके पिछले ट्रीटमेंट को लेकर बात की गई। उसी आधार पर इंजेक्शन लगाए गए। लापरवाही के आरोप निराधार है। हंगामे के दौरान डॉक्टर व स्टॉफ से हाथापाई भी की गई। -डॉ. संजीव सक्सेना
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इंफेक्शन से शरीर में खुजली होने लगी। थोड़ी देर बाद उनकी तड़प-तड़पकर इमरजेंसी में ही मौत हो गई। उनका आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद डॉक्टर ने उनके पिता को देखने से इंकार कर दिया। जिला अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। उन्होंने परिजनों को समझाकर शांत कराया और शव का पोस्टमार्टम कराया। सुखवीर ने डॉक्टर दीपक कुमार व अन्य स्टाफ के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
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मरीज का दिल्ली में चल रहा था। उसे किडनी की गंभीर समस्या थी। परिजनों से उनके पिछले ट्रीटमेंट को लेकर बात की गई। उसी आधार पर इंजेक्शन लगाए गए। लापरवाही के आरोप निराधार है। हंगामे के दौरान डॉक्टर व स्टॉफ से हाथापाई भी की गई। -डॉ. संजीव सक्सेना
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