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Taj Mahal: ताज को नुकसान पहुंचाने वाली हवाओं की होगी निगरानी, 36 करोड़ होंगे खर्च
Wed, 05 Nov 2025 10:14 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 05 Nov 2025 10:14 AM IST
सार
यूपीपीसीबी ने आगरा, गाजियाबाद समेत 15 शहरों में 18 नए एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए 36 करोड़ खर्च होंगे।
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ताजमहल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल तक आसपास के शहरों से आने वाली हवाओं की गुणवत्ता की निगरानी के लिए यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने बड़ा फैसला लिया है। सीएसआईआर-राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) की सिफारिश पर बोर्ड ने ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) से सटे फतेहपुर सीकरी, मथुरा, वृंदावन, फिरोजाबाद और हाथरस में एयर क्वालिटी माॅनीटरिंग स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) स्थापित करने की मंजूरी दे दी है।
बोर्ड की मंजूरी के बाद क्षेत्रीय अधिकारी इन्हें स्थापित करने के लिए स्थान चिह्नित करने में जुट गए हैं। क्षेत्रीय कार्यालय आगरा ने पर्यटन निगम के गुलिस्तां रेस्टोरेंट में स्थान चिह्नित कर स्टेशन स्थापित करने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। इन स्टेशनों के जरिये यह जाना जाएगा कि आसपास से आने वाली हवाओं की गुणवत्ता क्या है और इससे ताज को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्लान बनाए जा सकेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण की निगरानी के लिए गाजियाबाद शहर में दो, मोदीनगर में एक, दो लोनी और एक खेरा में स्टेशन लगाया जाएगा। वहीं, मेरठ में दो, बागपत के बड़ाैत, शामली में भी एक-एक स्टेशन लगाने की मंजूरी दी गई है।
यहां भी बनेंगे स्टेशन
इसके अलावा रायबरेली, सोनभद्र जिले के अनपरा और अमरोहा जिले के गजराैला में एक-एक स्टेशन स्थापित किया जाएगा। कुल 18 स्टेशनाें को स्थापित करने पर करीब 36 करोड़ रुपये खर्च आएगा। स्टेशन ऑनलाइन होने पर मिलने वाला डाटा सीधे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास पहुंचेगा और उस डाटा की मदद से प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्लान तैयार करने में मदद मिलेगी।
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राजस्थान से आ रहीं धूल भरी हवाएं
एयर एक्शन प्लान से लेकर आईआईटी और नीरी की रिपोर्ट में राजस्थान से आ रही धूल भरी हवाओं के कारण पीएम कणों में इजाफा बताया गया था। भरतपुर व अन्य जिलों की ओर से आगरा आने वाली हवाओं के साथ आ रहे प्रदूषण को कम करने के लिए सीकरी और आगरा के बीच हरियाली बढ़ाने और ऊंचे पेड़ लगाने की सिफारिश की गई थी। उसी प्रदूषण की निगरानी के लिए ऑटोमेटिक स्टेशन स्थापित करने की कवायद की जा रही है। ताज पर कहां से प्रदूषण पहुंच रहा है, इससे जांच में आसानी हो जाएगी।
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि बोर्ड के निर्देश पर फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में सीएएक्यूएम स्टेशन स्थापित करने के लिए स्थान चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही स्टेशन शुरू हो जाएगा और डाटा सीपीसीबी को मिलने लगेगा।
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बोर्ड की मंजूरी के बाद क्षेत्रीय अधिकारी इन्हें स्थापित करने के लिए स्थान चिह्नित करने में जुट गए हैं। क्षेत्रीय कार्यालय आगरा ने पर्यटन निगम के गुलिस्तां रेस्टोरेंट में स्थान चिह्नित कर स्टेशन स्थापित करने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। इन स्टेशनों के जरिये यह जाना जाएगा कि आसपास से आने वाली हवाओं की गुणवत्ता क्या है और इससे ताज को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्लान बनाए जा सकेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण की निगरानी के लिए गाजियाबाद शहर में दो, मोदीनगर में एक, दो लोनी और एक खेरा में स्टेशन लगाया जाएगा। वहीं, मेरठ में दो, बागपत के बड़ाैत, शामली में भी एक-एक स्टेशन लगाने की मंजूरी दी गई है।
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यहां भी बनेंगे स्टेशन
इसके अलावा रायबरेली, सोनभद्र जिले के अनपरा और अमरोहा जिले के गजराैला में एक-एक स्टेशन स्थापित किया जाएगा। कुल 18 स्टेशनाें को स्थापित करने पर करीब 36 करोड़ रुपये खर्च आएगा। स्टेशन ऑनलाइन होने पर मिलने वाला डाटा सीधे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास पहुंचेगा और उस डाटा की मदद से प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्लान तैयार करने में मदद मिलेगी।
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राजस्थान से आ रहीं धूल भरी हवाएं
एयर एक्शन प्लान से लेकर आईआईटी और नीरी की रिपोर्ट में राजस्थान से आ रही धूल भरी हवाओं के कारण पीएम कणों में इजाफा बताया गया था। भरतपुर व अन्य जिलों की ओर से आगरा आने वाली हवाओं के साथ आ रहे प्रदूषण को कम करने के लिए सीकरी और आगरा के बीच हरियाली बढ़ाने और ऊंचे पेड़ लगाने की सिफारिश की गई थी। उसी प्रदूषण की निगरानी के लिए ऑटोमेटिक स्टेशन स्थापित करने की कवायद की जा रही है। ताज पर कहां से प्रदूषण पहुंच रहा है, इससे जांच में आसानी हो जाएगी।
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि बोर्ड के निर्देश पर फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में सीएएक्यूएम स्टेशन स्थापित करने के लिए स्थान चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही स्टेशन शुरू हो जाएगा और डाटा सीपीसीबी को मिलने लगेगा।